
बकस्वाहा | शाबाश इंडिया।
निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री सरल सागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री मंगलानंद सागर महाराज एवं मुनि श्री मंगल सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में वर्षायोग (चातुर्मास) स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव विविध धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ।
नवागढ़ चातुर्मास समिति के मीडिया प्रभारी राजेश जैन रागी ने बताया कि समारोह में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश एवं गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना करते हुए जिनवाणी समर्पित कर धर्म लाभ अर्जित किया।
चरण प्रक्षालन का सौभाग्य राहुल जी परिवार, फरीदाबाद को प्राप्त हुआ। वहीं जिनवाणी समर्पण का सौभाग्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत, शिखरचंद जी एवं पुष्पा जी पुष्प परिवार तथा गिरीश कुमार जी एवं पूनम देवी, अहमदाबाद परिवार को प्राप्त हुआ।
अपने मंगल प्रवचन में मुनि श्री मंगलानंद सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल साधु-संतों के लिए ही नहीं, बल्कि श्रावकों के लिए भी आत्मचिंतन, संयम और साधना का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में समारंभ और अनावश्यक गतिविधियों को कम करते हुए विवेकपूर्वक जीवन जीना चाहिए, ताकि जीवों की अनावश्यक विराधना न हो।
उन्होंने कहा कि आज भौतिक चकाचौंध के कारण श्रावक ही नहीं, श्रमण चर्या में भी शिथिलता दिखाई दे रही है। धार्मिक आयोजनों में अर्थ प्रधानता बढ़ी है, जबकि अध्यात्म, स्वाध्याय और सम्यक आचरण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से जैन धर्म के सिद्धांतों पर चलकर मोक्षमार्ग को प्रशस्त करने का आह्वान किया।
वर्षायोग स्थापना के अंतर्गत प्रथम कलश का सौभाग्य गिरीश कुमार जी एवं पूनम देवी, अहमदाबाद परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश निर्मल कुमार सनी जैन, रेवाड़ी, तृतीय कलश संतोष कुमार एवं संजीव कुमार, बीना, चतुर्थ कलश राजशेखर, कुसुम जैन एवं मनोज जैन, सोजना, पंचम कलश प्रमोद चौधरी परिवार, कोलारस तथा षष्ठ कलश अभिषेक कुमार, ग्वालियर द्वारा स्थापित किया गया।
समारोह को सफल बनाने में पुष्पेंद्र कुमार, संगीतकार चक्रेश जी, सोजना नवागढ़ गुरुकुलम, क्षेत्र समिति एवं चातुर्मास समिति का सराहनीय योगदान रहा।
रिपोर्ट : रत्नेश जैन रागी, बकस्वाहा


