जयपुर | शाबाश इंडिया

राष्ट्र संत, चतुर्थ पट्टाधीश, प्राकृत ज्ञान केसरी आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से धावास (जयपुर) में निर्माणाधीन भव्य गुरु मंदिर एवं शांतिनाथ जिनालय की मूलनायक प्रतिमा निर्माण प्रक्रिया का शुभारंभ करने से पूर्व धावास मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने महाराष्ट्र के उदगांव (नांदणी, कुंजवन) स्थित तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज की समाधि पर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और श्रीफल अर्पित कर पुण्यार्जन किया।
समिति की ओर से तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज की समाधि पर वर्ष 2027 में आचार्य श्री सुनील सागर महाराज का जयपुर में चातुर्मास, धावास जैन मंदिर के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के सफल आयोजन तथा आचार्य श्री के 50वें अवतरण दिवस का आयोजन जयपुर में संपन्न कराने की मंगल कामना के साथ श्रीफल अर्पित किया गया।
इस अवसर पर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन समाज समिति, धावास-जयपुर के परम संरक्षक विकास बड़जात्या, संरक्षक एवं मंदिर निर्माण संयोजक जय कुमार जैन बड़जात्या, अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बैद, मंत्री मितेश ठोलिया, कोषाध्यक्ष हैमेन्द्र लुहाड़िया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंदिर समिति के परम संरक्षक गजेन्द्र-प्रवीण बड़जात्या ने बताया कि आदिसागर अंकलीकर परंपरा के चारों पूर्वाचार्यों की प्रतिमाओं की स्थापना वाला यह जयपुर का पहला मंदिर होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर के भूतल पर आचार्य आदिसागर महाराज, महावीर कीर्ति महाराज, विमल सागर महाराज तथा तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज की प्रतिमाएं विराजमान होंगी।
श्री सन्मति सुनीलम् महिला मंडल, धावास की अध्यक्ष सरिता लुहाड़िया एवं मंत्री सीमा बड़जात्या ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल पर मूलनायक भगवान शांतिनाथ की विशाल पद्मासन प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे लेकर समाज में विशेष उत्साह है।
समिति के उपाध्यक्ष प्रमोद काला ने बताया कि आचार्य श्री सुनील सागर महाराज की आज्ञानुसार मंदिर के द्वितीय तल पर प्राचीन जिनालयों एवं चैत्यालयों के संरक्षण की भावना से विशेष वेदियों का निर्माण कराया जाएगा। इससे जैन धर्म की प्राचीन विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी।


