Saturday, October 31, 2026

डीपीएस में सजी युवा कूटनीतिज्ञों की वैश्विक संसद, 400 प्रतिनिधि करेंगे दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर मंथन

उदयपुर | शाबाश इंडिया।

तीन दिवसीय ‘द ग्रैंड झरोखा फोरम एमयूएन-2026’ का भव्य आगाज, आठ समितियों में गूंजेंगे तर्क, संवाद और समाधान के स्वर

दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों पर जब युवा मस्तिष्क समाधान तलाशने के लिए एक मंच पर जुटते हैं और कूटनीति की बारीकियों को समझते हुए वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं, तो यह अनुभव शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं से कहीं आगे निकल जाता है। ऐसा ही नजारा शुक्रवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), उदयपुर में देखने को मिला, जहां तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘द ग्रैंड झरोखा फोरम मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन)-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

देशभर से आए 400 से अधिक युवा प्रतिनिधियों की सहभागिता वाले इस सम्मेलन में विचारों की विविधता, तार्किक अभिव्यक्ति और कूटनीतिक संवाद का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में डीपीएस उदयपुर आधिकारिक वेन्यू पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।

उद्घाटन समारोह में विद्यालय प्रबंधन सदस्या अपूर्वा अग्रवाल, प्राचार्य संजय नरवरिया, उपप्राचार्य राजेश धाभाई सहित गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रेरणादायी संबोधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।

आठ समितियों में वैश्विक समस्याओं पर होगी चर्चा

सम्मेलन की विशेषता यह है कि इसमें विद्यार्थी केवल वक्ता या श्रोता की भूमिका में नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के रूप में नजर आएंगे। संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली के अनुरूप गठित आठ समितियों में समसामयिक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श, कूटनीतिक वार्ता और प्रस्ताव निर्माण की प्रक्रिया संचालित होगी। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों और निर्णय प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।

विद्यालय प्रबंधन सदस्या अपूर्वा अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ जिम्मेदार नेतृत्व की भावना भी पैदा करते हैं।

प्राचार्य संजय नरवरिया ने कहा कि एमयूएन जैसे मंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, प्रभावी संवाद और सामूहिक निर्णय क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

सम्मेलन के दौरान प्रशिक्षण सत्र, वैचारिक बहस, कूटनीतिक चर्चाएं और अंतिम समिति सत्र आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह के साथ यह आयोजन विद्यार्थियों को नेतृत्व, संवाद और अंतरराष्ट्रीय समझ का महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा।

रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’

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