
जयपुर | शाबाश इंडिया।
राजस्थान की लगभग 1000 साल पुरानी पारंपरिक कठपुतली कला को आधुनिक तकनीक और नए रचनात्मक माध्यमों से जोड़ते हुए जयपुर के युवा उद्यमियों तत्वार्थ काला और दिव्यांश काला ने भारतीय सांस्कृतिक ब्रांड ‘Kathputli – Toys & Tales of India’ लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय लोककला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है।
राजस्थान AVGC-XR समिट में इस ब्रांड के पहले कलेक्टिबल किरदार ‘बन्ना सा’ और ‘बन्नी सा’ का अनावरण किया गया। इस अवसर पर IICT के निदेशक आशीष कुलकर्णी, ललित पवार, RAMA राजस्थान के संस्थापक नितिन जैन सहित देशभर की करीब 18 क्रिएटिव इंडस्ट्री एसोसिएशनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
‘Kathputli Toys’ के माध्यम से एनिमेशन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, मॉड्यूलर टॉयज, कलेक्टिबल्स और इमर्सिव शो जैसे आधुनिक माध्यमों से भारतीय संस्कृति को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ ही यह पहल सस्टेनेबल उत्पादों को बढ़ावा देने और पारंपरिक भाट समुदाय के कारीगरों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
संस्थापक तत्वार्थ काला और दिव्यांश काला का कहना है, “हम चाहते हैं कि भारत के अपने ऐसे किरदार हों, जिनसे 5 साल का बच्चा और 80 साल का बुजुर्ग, दोनों जुड़ सकें।”
राजस्थान से दुनिया तक पहुंचाने का सपना
संस्थापकों का विजन राजस्थान की समृद्ध लोककला, संगीत और कहानियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। उनका कहना है, “राजस्थान के पास कहानियां, संगीत और कला पहले से हैं। हमारा सपना राजस्थान को दुनिया की स्टोरीटेलिंग और क्रिएटिव कैपिटल बनाना है।”
‘Kathputli Toys’ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप और नई पहचान देने की दिशा में एक पहल है। पारंपरिक कठपुतली कला को तकनीक, रचनात्मकता और उद्यमिता से जोड़कर यह प्रयास लोककला के संरक्षण के साथ उसे वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।


