
मुंबई | शाबाश इंडिया।
शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की शानदार एंट्री के साथ देश के सबसे मूल्यवान कारोबारी समूहों की रैंकिंग बदल गई है। बुधवार, 28 अक्टूबर को जियो का शेयर ₹1,358 पर सूचीबद्ध होते ही रिलायंस समूह ने टाटा समूह को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया। जियो की लिस्टिंग के बाद रिलायंस समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹28.9 लाख करोड़ पहुंच गया। वहीं, टाटा समूह ₹25.6 लाख करोड़ के साथ दूसरे और अदाणी समूह ₹16.6 लाख करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
इश्यू प्राइस से 21.4% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर सूचीबद्ध हुआ, जो 21.4 प्रतिशत का प्रीमियम है। इस भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹12.5 लाख करोड़ पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की संयुक्त बाजार वैल्यू लगभग ₹28.7 लाख करोड़ हो गई। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरधारकों की संख्या भी उल्लेखनीय है। कंपनी के कुल 79.8 लाख शेयरधारक बताए गए हैं।
NSE में पारंपरिक बेल-रिंगिंग समारोह
मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में जियो की लिस्टिंग के अवसर पर पारंपरिक बेल-रिंगिंग समारोह आयोजित किया गया। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी शामिल हुए। लिस्टिंग से पहले आकाश, ईशा और अनंत अंबानी ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कहा, “आज की लिस्टिंग मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हम खुलकर संवाद करेंगे, अपने वादे निभाएंगे और अपने काम से आपका भरोसा जीतेंगे।”
रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो बनीं देश की शीर्ष दो सूचीबद्ध कंपनियां
इस लिस्टिंग के बाद बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स देश की क्रमशः पहली और दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियां बन गईं। इन दोनों कंपनियों की संयुक्त बाजार वैल्यू टाटा समूह की सभी सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण से लगभग ₹3.1 लाख करोड़ अधिक बताई गई है।
इस तरह जियो की बाजार में एंट्री ने न केवल देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की स्थिति बदली, बल्कि बड़े कारोबारी समूहों की रैंकिंग में भी रिलायंस समूह को शीर्ष पर पहुंचा दिया।
नोट: कारोबारी समूहों की यह तुलना उनकी सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण के आधार पर की गई है। रिलायंस समूह की गणना में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को शामिल नहीं किया गया है।


