
अशोकनगर/मथुरा | शाबाश इंडिया।
भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के गौरवशाली 125वें वर्ष के उपलक्ष्य में शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष महामहोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। 22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027 तक चलने वाले इस महोत्सव का आयोजन मथुरा चौरासी के इंटर कॉलेज ग्राउंड में किया जा रहा है। आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज ससंघ एवं पूज्य स्वस्ति रवीन्द्रकीर्ति जी महाराज सहित संतों के सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ध्वजारोहण कर महोत्सव का आगाज किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लिया।
इंदौर के गजेन्द्र कुमार, गिरीश कुमार एवं गिन्नी परिवार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू कुमार, महामंत्री संतोष पेडरकर और चेयरमैन प्रदीप जैन पीएनसी की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कानपुर के मोहित जैन ‘कत्थे वाले’ ने तीर्थों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने प्रत्येक टोंक पर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने और चरण छतरियों को अधिक सुरक्षित बनाने जैसे कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी लेने की बात कही।
तीर्थों के विकास के लिए समाज को आगे आना होगा: आचार्य सुरत्नसागर जी
पूज्य आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज ने कहा कि तीर्थों की रक्षा और विकास के लिए संतों के साथ पूरे समाज को आगे आना होगा। आचार्य आर्यनंदी जी से प्रेरणा लेकर मुनियों को भी तीर्थ संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता बढ़ानी चाहिए। केवल कमेटी या कुछ व्यक्तियों के प्रयासों से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज को तन, मन और धन से सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि कागज पर योजना बनाना आसान है, लेकिन उसे धरातल पर साकार करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसलिए प्रत्येक कदम सोच-समझकर उठाना होगा।
योजना बनाकर तीर्थों को विकसित करने की जरूरत: मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी
इंदौर में विराजमान परम पूज्य तीर्थ चक्रवर्ती मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के संदेश का प्रसारण स्क्रीन के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्रों के विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है। प्रत्येक अंचल की कमेटी यदि हर वर्ष एक तीर्थ क्षेत्र को विकसित करने का संकल्प लेकर पूरी ताकत से कार्य करे, तो आने वाले वर्षों में अनेक तीर्थों का जीर्णोद्धार और विकास किया जा सकता है। इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य और प्रभावी कार्ययोजना बनानी होगी।
कार्यक्रम के चेयरमैन जवाहरलाल जैन ने दान की प्रेरणा देते हुए प्रत्येक मंदिर में तीर्थ रक्षा गुल्लक रखने और एक लाख रुपये या उससे अधिक का योगदान देकर ‘तीर्थ चक्रवर्ती’ बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे दान भी मिलकर बड़े कार्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूरे वर्ष भव्य आयोजन की तैयारी: विजय धुर्रा
मध्यांचल प्रवक्ता विजय धुर्रा ने मध्यांचल में शतकोत्सव को भव्य रूप से आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने अरविंद कुमार ‘मक्कू’ सिंघई, विपिन सिंघई, मुकेश मोदी, अंचल अध्यक्ष डी.के. जैन, जिनेश झांझरी सहित अन्य प्रमुख समाजजनों की ओर से अपने विचार रखे। समारोह के संयोजक मनोज जैन आगरा ने बताया कि मध्यांचल सहित अन्य अंचलों से भी वर्षभर आयोजन करने के आग्रह मिल रहे हैं। आने वाले समय में इस महोत्सव को पूरे वर्ष उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
125 वर्षों की सेवा पर गर्व: जम्बू कुमार
राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू कुमार ने कहा कि भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी जैसी प्राचीन संस्था में काम करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। कमेटी पिछले 124 वर्षों से तीर्थों के विकास और जीर्णोद्धार के लिए कार्य कर रही है। अब 125वें वर्ष को शतकोत्तर रजत महोत्सव के रूप में पूरे वर्ष मनाया जाएगा, जिसमें सभी समाजजनों की सहभागिता आवश्यक है।
महामंत्री संतोष पेडरकर और चेयरमैन प्रदीप जैन पीएनसी ने भी कहा कि रजत स्थापना वर्ष में तीर्थों के विकास के लिए विशेष कार्य करने की योजना है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से सहयोग की अपील की।
भव्य शोभायात्रा में देशभर के प्रतिनिधि हुए शामिल
महोत्सव के दूसरे दिन सुबह परम पूज्य आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में भगवान अजितनाथ जिनालय में तीर्थ क्षेत्र विधान हुआ। इसके बाद विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें महास्वामी श्री रवीन्द्रकीर्ति जी, हस्तिनापुर-अयोध्या सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत, भट्टारक स्वामी, कमेटी के राष्ट्रीय पदाधिकारी, देशभर के अंचलों के प्रतिनिधि, तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य और स्थापना सदस्यों के परिवारजन शामिल हुए।
जम्बूस्वामी की मोक्षस्थली सिद्धक्षेत्र मथुरा चौरासी सहित बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। मध्यांचल अध्यक्ष डी.के. जैन, सूत्रधार जिनेश झांझरी, पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार ‘मक्कू’ सिंघई, मध्यांचल प्रवक्ता विजय धुर्रा और मुकेश मोदी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीर्थों की सुरक्षा के लिए दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम में अशोक जैन बड़जात्या ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से तीर्थ संरक्षण से जुड़े कई सुझाव दिए। उन्होंने सरकार के साथ समन्वय कर सम्मेद शिखरजी पर्वत पर चढ़ने के लिए सभी के वास्ते समान नियमावली बनाने और वंदना मार्ग पर मोटरसाइकिलों का आवागमन बंद करने जैसे सुझाव रखे। तीर्थों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
समारोह में उपाध्यक्ष विजय जैन अहमदाबाद, हंसमुख गांधी, डॉ. जीवन प्रकाश हस्तिनापुर, डी.के. जैन इंदौर, जिनेश झांझरी, बहुवलि जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज वाकलीवाल आगरा और जिनेश झांझरी इंदौर ने किया।
महोत्सव के शुभारंभ ने देशभर के जैन समाज को तीर्थों के संरक्षण, सुरक्षा, विकास और जीर्णोद्धार के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया।


