
ब्यावर | शाबाश इंडिया।
लघु उद्योग भारती, ब्यावर की ओर से युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण देने और स्थानीय उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र के भवन का भूमि पूजन सोमवार को रीको औद्योगिक क्षेत्र, तृतीय चरण, अजमेर रोड स्थित SP-1 एवं 2 पर विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य यजमान पालक अधिकारी प्रकाशजी अम्बुरे एवं दीपकजी झंवर ने सपत्नीक यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
समारोह में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशजी भाईसाहब, राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाशजी गहलोत, संगठन के अखिल भारतीय निवर्तमान अध्यक्ष एवं राजस्थान-गुजरात क्षेत्र प्रभारी घनश्यामजी ओझा, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत तथा ब्यावर नगर परिषद सभापति पुष्पा जयकिशन बल्दुआ सहित अनेक गणमान्यजन, उद्यमी और संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
10 वर्षों में 35 से बढ़कर 435 सदस्य
इकाई अध्यक्ष सचिन नाहर ने संगठन की विकास यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि ब्यावर इकाई ने लगभग 10 वर्ष पूर्व 35 सदस्यों के साथ शुरुआत की थी। आज मुख्य इकाई और महिला इकाई को मिलाकर सदस्यों की संख्या 435 तक पहुंच गई है। यह विस्तार उद्यमियों के विश्वास, सक्रिय सहभागिता और लघु उद्योगों के विकास के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
आधुनिक मशीनों, उद्योग प्रयोगशाला और एआई तकनीक से लैस होगा केंद्र
समारोह में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तावित भवन का सांकेतिक वीडियो प्रस्तुत कर केंद्र की भावी संरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी दी गई। यहां आधुनिक मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग प्रयोगशाला और अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित आधुनिक तकनीकों के माध्यम से युवाओं को बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप दक्ष बनाने की योजना है।
केंद्र में प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ कॉन्फ्रेंस रूम और सभागार भी प्रस्तावित हैं। इनके माध्यम से औद्योगिक बैठकों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उद्यमिता विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत के संकल्प में कौशल विकास केंद्रों की अहम भूमिका : अविनाश गहलोत
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाशजी गहलोत ने कहा कि लघु उद्योग भारती लघु उद्योगों को सशक्त बनाने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में कौशल विकास केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराना और युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना आज की आवश्यकता है।
उन्होंने राज्य सरकार की औद्योगिक विकास संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों के विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रयासरत है। उन्होंने उद्यमियों, संगठन के सदस्यों और नगरवासियों से परियोजना के निर्माण में आर्थिक सहयोग के साथ समय एवं सामर्थ्य का योगदान देने का आह्वान किया, ताकि केंद्र का निर्माण शीघ्र पूरा हो और प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू हो सकें।
समृद्धि के साथ संस्कार भी आएं, यही उद्योग का उद्देश्य : प्रकाशजी भाईसाहब
लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशजी भाईसाहब ने कहा कि संगठन की स्थापना 25 अप्रैल 1994 को राष्ट्र को वैभव-संपन्न बनाने के उद्देश्य से हुई थी। संगठन का विचार है कि उद्योगों के माध्यम से आर्थिक समृद्धि के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और संस्कारों का भी विकास हो। उन्होंने स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहित करने और देश की उद्यमशीलता को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि संगठन देशभर में सूक्ष्म उद्यमों और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। मेहंदी निर्माण, लाख से जुड़े कार्य, टैली प्रशिक्षण और स्थानीय कौशलों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर देना है। केंद्र की वास्तविक सफलता तब होगी, जब यहां प्रशिक्षण प्राप्त युवा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनकर रोजगार प्राप्त करेंगे और अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे।
निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और निःशुल्क सीमेंट की घोषणा
कौशल विकास केंद्र के निर्माण के लिए समारोह में महत्वपूर्ण सहयोग की घोषणाएं की गईं। अशोकजी पाटनी, वंडर सीमेंट, किशनगढ़ की ओर से केंद्र के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की सहायता देने तथा लगभग 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र में प्रस्तावित निर्माण के लिए आवश्यक सीमेंट निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
इसके अतिरिक्त संगठन के पालक अधिकारी प्रकाशजी अम्बुरे ने 11 लाख रुपये और कौशल विकास केंद्र निर्माण समिति के अध्यक्ष दीपकजी झंवर ने भी 11 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। इन घोषणाओं से परियोजना के निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
‘स्वयंसिद्धा वर्ष 2027’ के पोस्टर का विमोचन
कार्यक्रम में आगामी 8, 9 और 10 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले ‘स्वयंसिद्धा वर्ष 2027’ के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। आयोजन के माध्यम से स्वदेशी, स्थानीय उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
भूमि पूजन एवं समारोह के सफल आयोजन में लघु उद्योग भारती की ब्यावर मुख्य इकाई और महिला इकाई के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों तथा अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन श्वेता नाहर और कपिल खंडेलवाल ने किया। अंत में दीपकजी झंवर ने अतिथियों, सहयोगकर्ताओं, उद्यमियों और संगठन के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


