Saturday, October 17, 2026

आर्यिका सुकाव्यमति माताजी के वात्सल्य प्रवचनों से गूंजा विद्यालय, बैडमिंटन खिलाड़ी ऋषभ जैन ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए भेंट किए लैपटॉप और प्रिंटर

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जयपुर | शाबाश इंडिया।

जयपुर के मुरलीपुरा स्थित शहीद हिम्मत सिंह शेखावत राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वात्सल्य चातुर्मास के अंतर्गत पहली बार परम पूज्य गुरुदेव आचार्य 108 श्री सुंदर सागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या, स्वर कोकिला एवं स्वरसिद्धिका आर्यिका 105 श्री सुकाव्यमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में वात्सल्य प्रवचन आयोजित किए गए। प्रातः 8 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 5 से 12 तक के विद्यार्थियों को जीवन में सफलता, अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया गया।

परिश्रम, अनुशासन और संस्कार ही सफलता की कुंजी

पूज्य आर्यिका माताजी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए सुनियोजित योजना के साथ कठोर परिश्रम करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रातः जल्दी उठकर अध्ययन करने, रात्रि में समय पर सोने तथा पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समूह में चर्चा करने की सीख दी।

माताजी ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने माता-पिता को परम मित्र मानकर उनसे मन की बातें साझा करनी चाहिए। साथ ही माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने और मित्रों का चयन सोच-समझकर करने पर भी जोर दिया।

बैडमिंटन खिलाड़ी ऋषभ जैन ने दिया ज्ञानदान

कार्यक्रम में मुरलीपुरा निवासी श्री सुरेश चंद जैन के सुपौत्र एवं श्री नीरज-रेखा जैन के सुपुत्र ऋषभ जैन की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया गया। अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता बैडमिंटन एकल खिलाड़ी ऋषभ जैन का इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग के प्रथम संस्करण की नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से हैदराबाद टीम में चयन हुआ है।

इस अवसर पर पूज्य आर्यिका माताजी के सानिध्य में ऋषभ जैन की ओर से विद्यालय प्रबंधन को डेल कंपनी का लैपटॉप और एचपी कंपनी का थ्री-इन-वन प्रिंटर भेंट किया गया। यह सामग्री विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ज्ञानदान स्वरूप प्रदान की गई।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

लैपटॉप और प्रिंटर भेंट करने की यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, डिजिटल शिक्षा के विस्तार तथा शिक्षा एवं संस्कारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कदम है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन, अच्छे संस्कार और सेवा भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

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