
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
गणगौर घाट की सीढ़ियों पर शुक्रवार की शाम कला के नाम रही। पिछोला झील की लहरों पर उतरती सांझ, ऐतिहासिक इमारतों का आकर्षक सौंदर्य और सैलानियों की चहल-पहल के बीच एक कलाकार की पेंसिल ने ऐसा जादू बिखेरा कि सफेद कागज पर उभरती रेखाएं जीवंत तस्वीरों में बदल गईं। झीलों की नगरी की खूबसूरती को कला के माध्यम से संजोने वाला यह नजारा लोगों के लिए यादगार बन गया।
मौका था VIFT कॉलेज की ओर से आयोजित लाइव स्केचिंग डेमो का। कॉलेज की फाइन आर्ट्स फैकल्टी राजेश यादव ने पिछोला झील, गणगौर घाट और आसपास की ऐतिहासिक इमारतों के सौंदर्य को अपनी सधी हुई रेखाओं में उतारा। उनकी पेंसिल से कागज पर उभरी आकृतियों में पत्थरों की बनावट, झील की लहरों का एहसास और शाम की नर्म रोशनी की खूबसूरती साफ नजर आई। कलाकार की बारीकियों और रेखांकन ने वहां मौजूद लोगों को ठहरकर कला को निहारने के लिए मजबूर कर दिया।
त्रिपोलिया गेट पर चेहरों ने बयां की कला की कहानी
लाइव स्केचिंग का सबसे खास और आत्मीय दृश्य ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट पर देखने को मिला। यहां घूमने आए देशी-विदेशी पर्यटक कलाकार के स्केच का हिस्सा बने। किसी चेहरे की सहज मुस्कान, किसी की उत्सुक निगाहें और किसी की स्वाभाविक मुद्रा को राजेश यादव ने चंद रेखाओं, हल्की शेडिंग और प्रकाश-छाया के संतुलन से कागज पर जीवंत कर दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि उदयपुर की खूबसूरती को मोबाइल कैमरों में कैद करने आए सैलानी खुद ही कलाकृति का हिस्सा बन गए। जब उनके पोर्ट्रेट तैयार कर उन्हें भेंट किए गए, तो उनके चेहरे पर खुशी और आश्चर्य झलक उठा। ये स्केच उनके लिए महज तस्वीरें नहीं, बल्कि उदयपुर की यात्रा से जुड़ी एक अनमोल और व्यक्तिगत स्मृति बन गए।
जब घाट की सीढ़ियां बनीं खुली आर्ट गैलरी
इस आयोजन ने साबित किया कि कला को अपनी अभिव्यक्ति के लिए किसी बंद दीर्घा या औपचारिक कैनवास की जरूरत नहीं होती। वह खुले आसमान के नीचे, घाट की सीढ़ियों पर बैठकर और आसपास के जीवन को महसूस करते हुए भी अपना अनूठा संसार रच सकती है। लाइव स्केचिंग ने कला और आम लोगों के बीच एक सहज रिश्ता कायम किया तथा ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को देखने का एक नया नजरिया प्रस्तुत किया।
धीरे-धीरे शाम रात में ढल गई और गणगौर घाट की रौनक अपनी गति से आगे बढ़ती रही, लेकिन कागज पर उभरे चेहरे और दृश्य उस खास शाम को यादों में सहेज गए। VIFT कॉलेज का यह आयोजन उदयपुर की सांस्कृतिक खूबसूरती, कलात्मक प्रतिभा और पर्यटन अनुभव को जोड़ने वाली एक यादगार पहल बना।
रिपोर्ट/फोटो: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


