
जयपुर | शाबाश इंडिया।
चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, पारस विहार, मुहाना मंडी में जैनाचार्य 108 श्री विराग सागर जी महाराज एवं पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य 108 मुनि श्री विश्वविजय सागर जी महाराज का 68वां अवतरण दिवस शुक्रवार को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। समारोह में स्थानीय जैन समाज सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गोदिका ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणाचार्य 108 विराज सागर जी महाराज के चित्र के अनावरण के साथ हुआ। इसका पुण्यलाभ कमल कुमार पाटनी को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्वलन संतोष जी एवं शोभा जी बगड़ा परिवार ने किया। इसके बाद अरविंद जी एवं सरिता जी टोंग्या परिवार की ओर से शास्त्र भेंट किया गया।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान गुरुवर की आरती का पुण्यलाभ अमिताभ जी एवं मधु जी भारिल्ल को प्राप्त हुआ, जबकि मुनिवर के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पवन कुमार एवं सरोज जी गोदिका परिवार को मिला।
वीरेन्द्र सेठी ने बताया कि अवतरण दिवस के अवसर पर मुनिश्री की अष्टद्रव्य से विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति और आस्था से गुंजायमान रहा। समाजबंधुओं ने मुनिश्री को नमन करते हुए उनके अवतरण दिवस पर मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
इसके बाद प्रकाश चंद जी, तारा चंद जी, राजकुमार जी, जवाहर लाल जी, सुभाष जी, अंकित जी एवं समस्त सेठी परिवार की ओर से साज-बाज के साथ शांति विधान की पूजा की गई। विधान श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। उन्होंने संतों के सान्निध्य को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। समारोह का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।


