
मदनगंज-किशनगढ़ | शाबाश इंडिया।
दशलक्षण महापर्व के दसवें एवं अंतिम दिन शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर देवाधिदेव 1008 श्री वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। आर.के. कम्युनिटी सेंटर में आयोजित दशलक्षण मंडल विधान में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान के अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन तथा श्री वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लड्डू चढ़ाने एवं महाआरती का सौभाग्य सौधर्म इंद्र परिवार को प्राप्त हुआ।
सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य श्रीमती रामज्योति, अनिलकुमार, मुकेशकुमार, अमितकुमार, नमन एवं चयन सेठी परिवार (कुचील वाले) को चयन सेठी की 10 उपवास की तपस्या के उपलक्ष्य में प्राप्त हुआ। सौधर्म इंद्र परिवार ने आचार्य श्री 108 विहर्षसागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं सायंकालीन महाआरती का सौभाग्य भी प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री 108 वर्धमानसागर जी महाराज, आचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण भी सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा किया गया।
आर.के. कम्युनिटी सेंटर स्थित अस्थाई चैत्यालय में विराजित श्री आदिनाथ भगवान, श्री पार्श्वनाथ भगवान एवं श्री महावीर भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य कमलकुमार एवं अभिषेक बैद (ऊंटड़ा वाले) को कमल बैद के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में तथा चांदमल, प्रकाशचंद एवं कैलाशचंद गंगवाल परिवार (कुली वाले) को प्राप्त हुआ।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर देवाधिदेव श्री 1008 वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक की आराधना भी श्रद्धापूर्वक की गई।
धर्मसभा में आचार्य श्री 108 विहर्षसागर जी महाराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य केवल इंद्रियों पर नियंत्रण का नाम नहीं है, बल्कि मन, वचन और काय की पवित्रता के साथ आत्मा में स्थिर होने का मार्ग है। विषय-वासनाओं से दूर रहकर आत्मसंयम एवं सदाचार का पालन करने से मनुष्य अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर सकता है।
दशलक्षण महापर्व के दस दिनों में श्रद्धालुओं ने उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना करते हुए आत्मशुद्धि, संयम एवं सदाचार का संदेश ग्रहण किया।
दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आर.के. कम्युनिटी सेंटर में नवनिर्वाचित सभापति राजकुमार बड़जात्या, उपसभापति मानेंद्र सिंह खंगारोत, पार्षद सुशील अजमेरा एवं पार्षद राहुल चोरड़िया का सकल दिगंबर जैन समाज एवं श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। स्वागत करने वालों में चातुर्मास संयोजक राजकुमार दोषी, पंचायत उपाध्यक्ष मांगीलाल झांझरी, मंत्री प्रदीप गंगवाल, उपमंत्री नरेश गंगवाल, कोषाध्यक्ष अशोक पापल्या, विमल पाटनी, निर्मल पांड्या, कैलाशचंद पाटनी, सुरेश काला, महेंद्र पाटनी, जितेंद्र पाटनी, मुकेश काला, विकास पाटनी, राजेंद्र सोगानी, पदमचंद गंगवाल, जिनेंद्र बोहरा एवं राजेश पाटनी सहित समाज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर आचार्य श्री 108 विहर्षसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित महाआरती के दौरान सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से आर.के. परिवार का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर भामाशाह अशोक पाटनी-श्रीमती सुशीला पाटनी, सुरेश पाटनी-श्रीमती शांता पाटनी, श्रीमती शुचि पाटनी एवं आदि पाटनी का सम्मान किया गया। समाजजनों ने उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया।
स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम में आचार्य श्री 108 विहर्षसागर चातुर्मास समिति तथा श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों ने आर.के. परिवार के योगदान की सराहना करते हुए मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।


