
ब्यावर | शाबाश इंडिया।
श्री दिगंबर जैन समाज के दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
विद्वान पंडित श्री अरुण जैन शास्त्री ने दशलक्षण महापर्व के दौरान विशेष प्रवचन के साथ तत्वार्थसूत्र का अध्ययन कराया। शाम को आरती के पश्चात पंडित अरुण शास्त्री एवं पंडित घनश्यामदास शास्त्री ने उत्तम आकिंचन धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य अक्सर भौतिक वस्तुओं में सुख तलाशता है, जबकि अनावश्यक वस्तुओं और संग्रह के प्रति आसक्ति ही दुख का कारण बनती है। आवश्यक वस्तुओं के साथ संतुलित जीवन जीना तथा अनावश्यक संग्रह और मोह का त्याग करना ही सच्चे अर्थों में आकिंचन धर्म है।
श्री सकल जैन समाज के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अमित गोधा ने बताया कि शुक्रवार को दशलक्षण महापर्व का दसवां दिन एवं अनंत चतुर्दशी पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न जिनालयों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।
पार्श्वनाथ मंदिर के अध्यक्ष संजय रावका ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। विभिन्न जिनालयों में श्रीजी का रजत कलशों से विशेष अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक की शुरुआत दोपहर 2:15 बजे शांतिनाथ मंदिर जी, हाउसिंग बोर्ड से होगी। इसके बाद श्री दिगंबर जैन पंचायती नसिया जी, बड़ा मंदिर जी (सरावगी मोहल्ला), चैत्यालय जी, सेठ जी की नसिया जी, छावनी मंदिर जी, पार्श्वनाथ मंदिर जी (अजमेर रोड) तथा आदिनाथ जिनालय जी (सुधा सागर कॉलोनी) में श्रीजी का अभिषेक किया जाएगा।
सुधा सागर कॉलोनी स्थित आदिनाथ जिनालय में दशलक्षण महापर्व के दौरान श्रीजी का विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ महाकलश अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की और धर्मलाभ लिया। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।
शाम को पार्श्वनाथ मंदिर एवं आदिनाथ जिनालय जी में रिद्धि-सिद्धि भक्तामर पाठ का संगीतमय आयोजन किया जाएगा।
रिपोर्ट: अमित गोधा, ब्यावर


