Thursday, September 24, 2026

पारस विहार में दशलक्षण महापर्व की धूम, उत्तम आकिंचन धर्म की भक्ति-भाव से हुई आराधना

जयपुर | शाबाश इंडिया।

श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पारस विहार, मुहाना मंडी में दशलक्षण महापर्व-2026 का भव्य आयोजन चल रहा है। परम पूज्य आचार्य श्री 108 कुशाग्र नंदीजी महाराज के आशीर्वाद तथा मंदिर में विराजमान श्री 108 विराग सागरजी महाराज एवं पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य सरल स्वभावी मुनि श्री 108 विश्व विजय सागरजी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं पावन सान्निध्य में 15 सितंबर से महापर्व के धार्मिक आयोजन विधि-विधानपूर्वक किए जा रहे हैं।

पवन गोदिका ने बताया कि महापर्व के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का अभिषेक, मुनिश्री के मुखारविंद से शांतिधारा तथा पंडितजी के मार्गदर्शन में दशलक्षण मंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है। पारस विहार एवं आसपास की कॉलोनियों के साथ सकल दिगंबर जैन समाज जयपुर के श्रद्धालु भक्ति-भाव और साज-बाज के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर रहे हैं।

धर्मेंद्र गोदिका ने बताया कि समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना जागृत करने तथा युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतिदिन सायंकाल विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। दशलक्षण महापर्व के तहत उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा मंडल विधान के साथ श्रद्धा और भक्तिभावपूर्वक संपन्न हुई।

वीरेंद्र सेठी ने बताया कि करीब तीन सौ वर्ष प्राचीन एवं अतिशयकारी श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान की मूल प्रतिमा के प्रथम अभिषेक का परम सौभाग्य श्री पवन एवं प्रतीक गोदिका परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं, आज की शांतिधारा के पुण्यार्जक सन्मति बड़जात्या, अविनाश कोठारी, सुरेश लुहाड़िया, अनिल लुहाड़िया, पदमचंद गंगवाल एवं पवन गोदिका परिवार रहे।

मंदिर में दिनेश जैन खेड़ली वालों की दशलक्षण पर्व के दौरान तपस्या चल रही है और आज उनका नौवां उपवास रहा। इसके साथ ही पवन सरोज गोदिका, श्रेयांश पांड्या, अरविंद टोंग्या एवं अंजलि काला द्वारा कर्म निर्जरा के लिए तैला की तपस्या की जा रही है। तपस्वियों की अनुमोदना में शाम को विनतियों एवं भजनों का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत आरती की थाली सजाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें ममता सोगानी ने प्रथम, शोभा बगड़ा ने द्वितीय तथा मीना गोदिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कमल पाटनी, राजेंद्र बैद एवं वीरेंद्र सेठी के निर्देशन में प्रतियोगिता संपन्न हुई।

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 25 सितंबर को अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा। इसके बाद दशलक्षण मंडल विधान की पूजा पूर्ण होने पर दोपहर 12:15 बजे चौबीस तीर्थंकर मंडल विधान की पूजा होगी। शाम 5:30 बजे अभिषेक एवं आरती के बाद गुरुदेव के सान्निध्य में वार्षिक प्रतिक्रमण आयोजित किया जाएगा।

क्षमावाणी पर्व 27 सितंबर, रविवार को मनाया जाएगा। प्रातः 7 बजे श्रीजी की पालकी के साथ नगर भ्रमण होगा। इसके बाद मंदिर में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा तथा अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी। शाम 6 बजे पंचामृत अभिषेक एवं आरती के बाद सामूहिक क्षमावाणी का आयोजन किया जाएगा।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Skip to toolbar