
जयपुर | शाबाश इंडिया।
अखिल भारतीय श्रीमाल जैन जागृति संस्था, जयपुर के तत्वावधान में दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ किया गया। प्रतियोगिता में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 61 धर्मप्रेमी समाजबंधुओं एवं प्रतिभाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
संस्था के सचिव डॉ. इन्द्र कुमार जैन ने बताया कि प्रश्नोत्तरी में जैन धर्म, संस्कृति, सिद्धांतों, परंपराओं एवं संस्कारों से संबंधित विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर देते हुए अपने ज्ञान, स्मरणशक्ति एवं धार्मिक जिज्ञासा का परिचय दिया। प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता से आयोजन ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और आनंदमय बन गया।
कार्यक्रम के संयोजक नवल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों, समन्वयकों एवं सभी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहपूर्वक सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
संस्था के अध्यक्ष अजय जैन ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि धार्मिक एवं संस्कारपरक ज्ञान जीवन की अमूल्य संपदा है। प्रतिभागियों ने अपनी लगन, मेहनत और उत्साह से यह संदेश दिया कि ज्ञान प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती।
आयोजन को सफल बनाने में समय, सहयोग, मार्गदर्शन एवं समर्पण प्रदान करने वाले समन्वयक कैलाश चंद जैन सहित सभी सह-समन्वयकों के प्रति संस्था की ओर से आभार व्यक्त किया गया।
संस्था के परम संरक्षक ज्ञानेंद्र जैन एवं संरक्षक जिनेन्द्र जैन ने सभी प्रतिभागियों को मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के जीवन में ज्ञान की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे, धार्मिक संस्कार निरंतर पुष्पित-पल्लवित हों और सभी प्रतिभागी अपने परिवार एवं समाज का गौरव बढ़ाते रहें।
धार्मिक प्रश्नोत्तरी का यह आयोजन ज्ञान, धर्म एवं संस्कारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने वाली प्रेरणादायी पहल के रूप में सराहा गया।


