
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
झीलों, हवेलियों, स्थापत्य, लोकजीवन और सांस्कृतिक स्मृतियों से समृद्ध उदयपुर देशभर से आए 13 कलाकारों की रचनात्मक दृष्टि में नए रंग और रूप में नजर आया। किसी कलाकार ने शहर की स्थापत्य विरासत को रंगों में महसूस किया तो किसी ने झीलों, प्राकृतिक परिवेश और स्थानीय जीवन की संवेदनाओं को कैनवास पर उतारा। इसी रचनात्मक संवाद का माध्यम बनी तीन दिवसीय ‘Bond to Beyond’ आर्टिस्ट रेजीडेंसी एवं कला प्रदर्शनी, जिसका आयोजन Inspirit Art Gallery, Udaipur की ओर से बागोर की हवेली स्थित कला वीथी आर्ट गैलरी में किया गया।
18 से 20 सितंबर तक आयोजित रेजीडेंसी का मूल विचार Heritage, Culture and Contemporary Expression रहा। इसके तहत विभिन्न शहरों से आए 13 कलाकारों ने उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, स्थापत्य और सांस्कृतिक परिवेश को अपने-अपने कलात्मक अनुभवों से जोड़ते हुए ड्रॉइंग और पेंटिंग तैयार कीं। खास बात यह रही कि एक ही शहर को देखने के बावजूद प्रत्येक कलाकार की अभिव्यक्ति अलग रही और इसी विविधता ने प्रदर्शनी को विशिष्ट स्वर दिया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार एवं कला प्रेरक डॉ. हेमंत द्विवेदी, ललित शर्मा, रघुनाथ शर्मा और बसंत कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर रेजीडेंसी में भाग लेने वाले कलाकारों को उनके रचनात्मक योगदान के लिए स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रेजीडेंसी में पुणे के अतुल गेंडले, नाथद्वारा की डॉ. मनीषा सांचिहार, किशनगढ़ के डॉ. महेश कुमार कुमावत, चित्तौड़गढ़ के डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, उदयपुर के डॉ. निर्मल यादव, दुर्शित भास्कर एवं यश खत्री, श्रीगंगानगर के डॉ. सूरज सोनी एवं रणवीर सिंह, भावनगर की निरुपमा टांक, बूंदी के सुनील कुमार जांगिड़, नई दिल्ली की विजया वेद और सवाई माधोपुर के विजय कुमावत ने भागीदारी की।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों में उदयपुर केवल एक पर्यटन शहर के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास, स्मृतियों, प्रकृति और जीवंत संस्कृति से जुड़े संवेदनशील शहर के रूप में दिखाई दिया। कहीं स्थापत्य की रेखाएं आकर्षण का केंद्र बनीं तो कहीं रंगों के माध्यम से झीलों और स्थानीय जीवन की लय को अभिव्यक्ति मिली।
रेजीडेंसी की कोऑर्डिनेटर डॉ. मनीषा सांचिहार ने बताया कि प्रदर्शनी को शहर के कलाकारों, कला प्रेमियों और समीक्षकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। ऑक्शन हाउस के संस्थापक प्रमोद फांड, कला प्रेमी नम्रता चौकसी, डॉ. शाहिद परवेज, डॉ. युगल किशोर शर्मा, शरद भारद्वाज, राहुल माली, हेमंत जोशी, नेहा चपलोत, डॉ. सुनील निमावत, शर्मीला राठौड़, कपिल शर्मा, रौनक वर्मा, सिमरन, सुशीला गगोरिया और बापूलाल सहित अनेक कला प्रेमियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस कला यात्रा का दायरा अब उदयपुर तक सीमित नहीं रहेगा। रेजीडेंसी में तैयार चयनित कलाकृतियां आगामी दिनों में अहमदाबाद में आयोजित होने वाले ‘The Art Fest’ में भी प्रदर्शित की जाएंगी। इससे कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
Inspirit Art Gallery के संस्थापक डॉ. निर्मल यादव ने बताया कि ‘Bond to Beyond’ उनकी कला श्रृंखला का पहला प्रयास है। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों को साझा मंच प्रदान कर कला, विरासत और समकालीन अभिव्यक्ति के बीच संवाद को विस्तार देना है। आने वाले समय में इसी श्रृंखला के अंतर्गत रेजीडेंसी, कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
इस तरह ‘Bond to Beyond’ ने केवल कलाकृतियों की प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर उदयपुर की विरासत को नई रचनात्मक नजर से देखने और अलग-अलग कलाकारों की संवेदनाओं को एक साझा मंच पर जोड़ने का प्रयास किया।
रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’


