
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में जलझूलनी एकादशी का तीन दिवसीय मेला 21 से 23 सितंबर तक भक्ति, संस्कृति और लोकरंग के संगम के रूप में आयोजित होगा। मेले में भगवान सांवलिया सेठ की भव्य शोभायात्रा और रथयात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। वहीं देश के ख्यात कवियों, गायकों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी उत्सव को विशेष बनाएंगी।
मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिनेश धाकड़ के अनुसार मेले के पहले दिन 21 सितंबर को तेजा दशमी के अवसर पर दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर से विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा रात करीब 8 बजे पुनः मंदिर पहुंचेगी, जहां रंगारंग आतिशबाजी के साथ इसका स्वागत किया जाएगा।
इसी दिन रात 9 बजे मंडफिया बाईपास स्थित उप जिला चिकित्सालय के समीप बने मंच पर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें हास्य, वीर, श्रृंगार एवं गीतों की प्रस्तुतियां होंगी। शैलेश लोढ़ा, संजय झाला, शशिकांत यादव, जानी वैरागी, दीपक पारीक, शंभु शिखर, राम भदावर, चेतन चर्चित, भुवन मोहिनी, मोनिका हटिला, हीरामणि और लक्ष्मण नेपाली सहित कई कवि काव्य पाठ करेंगे। वहीं मेला ग्राउंड के मीरा एवं गोवर्धन रंगमंच पर भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मेले का प्रमुख आयोजन 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी के अवसर पर होगा। दोपहर 12 बजे मंदिर से सुसज्जित झांकियों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच विशाल रथयात्रा रवाना होगी। भगवान का रथ सांवलिया सरोवर पहुंचेगा, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ठाकुरजी को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद रथयात्रा वापस मंदिर के लिए रवाना होगी और रात करीब 8 बजे रथ के मंदिर पहुंचने पर आतिशबाजी की जाएगी।
रात 9 बजे बॉलीवुड गायक बी. प्राक अपने दल के साथ भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। अन्य मंचों पर प्रकाश माली, आशा वैष्णव, सवाई भाट और मोनिका भदौरिया सहित कलाकार भजन, नृत्य और हास्य प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे।
मेले के अंतिम दिन 23 सितंबर को मीरा रंगमंच पर छोटू सिंह रावणा की भजन संध्या आयोजित होगी, जिसके साथ तीन दिवसीय मेले का समापन होगा। तीन दिनों तक सांवलिया सेठ धाम श्रद्धा, संगीत, संस्कृति और कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर रहेगा।
रिपोर्ट : यौवंतराज माहेश्वरी


