
जयपुर | शाबाश इंडिया।
दिगम्बर जैन महासमिति राजस्थान अंचल की ओर से दशलक्षण महापर्व के अवसर पर जयपुर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया गया। अंचल के पदाधिकारियों ने विभिन्न मंदिरों में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सहभागिता करते हुए कार्यक्रमों की सराहना की तथा आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और सहयोगियों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य संयोजक शांति काला ने बताया कि अंचल के पदाधिकारियों ने श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, कल्याण नगर में आयोजित कार्यक्रम का अवलोकन किया, जिसमें दिनेश धाड़ुका एवं प्रमोद सोनी का विशेष सहयोग रहा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, रॉयल एवेन्यू में आयोजित कार्यक्रम में रमेश जैन वैद का विशेष सहयोग रहा।
इसी क्रम में श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर, शांतिनगर, दुर्गापुरा में ‘धर्म की अदालत’ नाटक की प्रस्तुति हुई, जिसमें श्रीमती अरुणा छाबड़ा और रेणु काला का विशेष सहयोग रहा। शास्त्री नगर जैन मंदिर के कार्यक्रम में निर्मल कटारिया एवं प्रदीप काला का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, नेमिसागर कॉलोनी में महासमिति महिलांचल की ओर से विशेष नाटक की प्रस्तुति दी गई, जिसमें जे.के. जैन, कालाडेरा एवं श्रीमती शकुंतला जैन का विशेष सहयोग रहा।
मुख्य समन्वयक राजेश बडजात्या ने बताया कि कार्यक्रमों के अवलोकन के दौरान महावीर जैन बाकलीवाल, शांति कुमार काला, महावीर चांदवाड़, निर्मल संघी, राकेश गोदिका, डॉ. नमोकार जैन, रवि जैन छाबड़ा, प्रीति जैन, रतन लाल गंगवाल, जिनेश जैन सहित महासमिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि दशलक्षण महापर्व केवल धार्मिक साधना का पर्व ही नहीं, बल्कि धर्म, संस्कार, संस्कृति एवं सामाजिक एकता का भी पर्व है। मंदिरों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को जैन धर्म और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महासमिति राजस्थान अंचल की ओर से सभी मंदिर प्रबंध समितियों, आयोजनकर्ताओं, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही दशलक्षण महापर्व के दौरान आयोजित किए जा रहे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।


