Thursday, September 17, 2026

उत्तम मार्दव धर्म: अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संदेश

डॉ अल्पना जैन
महाराष्ट्र गौरव, मालेगांव

मिटा कर मन का ‘मान’ जो, अंतस में सरलता लाता है,
जैन सिद्धांत के अनुसार, वही उत्तम मार्दव कहलाता है।
धन, वैभव और रूप का यह घमंड तो बस इक छाया है,
आचार्य विद्यासागर जी कहते, ‘मैं’ ही दुखों की माया है।
जैसे फल से लदी डालियाँ, झुककर अपनी मर्यादा दिखाती हैं,
वैसे ही ज्ञानी जनों की आँखें, सदा विनय से झुक जाती हैं।
अहंकार की कठोर चट्टान पर, कभी धर्म का अंकुर नहीं उगता,
मोक्ष मार्ग पर केवल वही बढ़ता, जो प्रभु चरणों में है झुकता।
आओ इस द्वितीय दिवस पर, हम सब अपनी मति को शुद्ध करें,
अहंकार का त्याग कर, मन को मार्दव गुण से समृद्ध करें।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Skip to toolbar