Friday, September 4, 2026

वर्कप्लेस से वर्क-नेटवर्क तक: बीसीआई सदस्यों ने तलाशे कारोबार के नए समीकरण

उदयपुर | शाबाश इंडिया।

नेटवर्किंग केवल परिचय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सही समझ और भरोसे के साथ कारोबार को नई दिशा देने का जरिया भी बन सकती है। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के उत्सव और अल्फा चैप्टर ने रविवार को आयोजित वर्कप्लेस विजिट के जरिए इसी विचार को जमीन पर उतारा। दिनभर की दो अलग-अलग विजिट्स में सदस्यों ने एक-दूसरे के कारोबार, कार्यशैली, प्रोफेशनल सिस्टम और बाजार से जुड़े अनुभवों को करीब से जाना तथा भविष्य में रेफरल, संयुक्त प्रयास और बिजनेस ग्रोथ के नए रास्तों पर चर्चा की।

पहली विजिट सुबह 11 बजे चित्रकूट नगर स्थित पैसिफिक कॉलेज में हुई। यह पीआईएमएस के चेयरमैन आशीष अग्रवाल का वर्कप्लेस था, जहां उत्सव चैप्टर के सदस्यों ने संस्थान की प्रोफेशनल कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझा। कॉलेज के सेटअप और वर्क कल्चर को देखने के साथ सदस्यों ने इस बात पर भी संवाद किया कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमी और प्रोफेशनल एक-दूसरे के लिए कैसे उपयोगी बिजनेस कनेक्शन तैयार कर सकते हैं।

आशीष अग्रवाल की ओर से बीसीआई उत्सव सदस्य डॉ. रिमझिम गुप्ता ने सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यवसाय को केवल नाम या परिचय से नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक कार्यप्रणाली को देखकर समझना अधिक उपयोगी होता है। इससे नए विचार सामने आते हैं और प्रोफेशनल रिश्तों में विश्वास भी मजबूत होता है।

दिन की दूसरी विजिट शाम 5 बजे न्यू भूपालपुरा स्थित वकांजा लाइटिंग पर हुई। यहां बीसीआई अल्फा चैप्टर के सचिव पीयूष कोठारी ने अपने व्यवसाय की कार्यप्रणाली, उत्पाद व्यवस्था और बाजार से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्कप्लेस विजिट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सदस्य एक-दूसरे के कारोबार की वास्तविक जरूरत और क्षमता को समझते हैं। इससे रेफरल अधिक सटीक होते हैं और साझा बिजनेस संभावनाएं भी उभरकर सामने आती हैं।

बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने कहा कि संगठन का नेटवर्किंग मॉडल केवल मीटिंग तक सीमित नहीं है। वर्कप्लेस विजिट सदस्य को दूसरे सदस्य के व्यवसाय की वास्तविक तस्वीर से जोड़ती है। इससे आपसी भरोसा बढ़ता है और दीर्घकालिक बिजनेस रिलेशनशिप के लिए मजबूत आधार तैयार होता है।

उत्सव चैप्टर के प्रेसिडेंट संजीव पटवा ने कहा कि जब किसी सदस्य को दूसरे सदस्य के काम की सही जानकारी होती है, तभी वह उसे अपने नेटवर्क में बेहतर तरीके से प्रमोट कर पाता है। ऐसी गतिविधियां रेफरल की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ सहयोग के नए अवसर भी पैदा करती हैं।

कार्यक्रम में मुकेश माधवानी, संजीव पटवा, आलोक गुप्ता, देवेन्द्र सिंह करीर, हीना पथिक, दिलीप बालचंदानी, गणपत सालवी, जीवन सिंह सोलंकी, लोकेश जोशी, रतन सिंह सोलंकी, पीयूष कोठारी, अनुराग ऐरन, अरुण चौबीसा, चन्द्र प्रकाश शर्मा, देवर्षि मेहता, रौनक वर्मा, राधिका शर्मा, शिखा बहल, धर्मवीर देवल, गिरिश शर्मा, राहुल कुमावत एवं निशा राठौड़ सहित बीसीआई के सदस्य मौजूद रहे।

रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’

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