
जयपुर | शाबाश इंडिया।
श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर, जयपुर में पूज्य आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में पांच दीक्षार्थियों की गोद भराई का मंगल कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं वात्सल्यपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मचारी भैया द्वारा पांचों दीक्षार्थियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इनमें सीए अंकित भैया जी, निवासी प्रतापगढ़; अनिकेत भैया जी, निवासी मुंबई; 21 वर्षीय यश भैया जी, निवासी भिंड; प्रसन्न भैया जी, निवासी छत्रपति संभाजीनगर तथा प्राचार्य बकील चंद्र जी, निवासी बड़ौत शामिल रहे। इसके पश्चात दीक्षार्थियों ने आचार्य श्री के चरण वंदन की भावना से पाद प्रक्षालन किया।
इस अवसर पर युवा दीक्षार्थी अनिकेत भैया जी ने पंचम काल में संयम मार्ग अंगीकार करने के अपने भाव व्यक्त करते हुए पूज्य आचार्य श्री के वात्सल्य एवं मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। आचार्य श्री आदित्य सागर जी महाराज ने मुनि जीवन के आदर्श एवं संयममय जीवन की महत्ता बताते हुए कहा कि जैन समाज साधु-संतों के प्रति सदैव श्रद्धा एवं सम्मान का भाव रखता है।
गोद भराई कार्यक्रम में सर्वप्रथम पांचों दीक्षार्थियों का तिलक लगाकर, माला, साफा एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात वर्षायोग समिति, प्रबंध समिति, महिला मंडल, युवा मंच सहित समाज के श्रद्धालुओं ने क्रमबद्ध रूप से भक्ति एवं वात्सल्य भाव के साथ पांचों दीक्षार्थियों की गोद भराई की। गोद भराई के पश्चात पांचों दीक्षार्थियों की आहारचर्या भी जनकपुरी में संपन्न हुई।
कार्यक्रम में कीर्ति नगर से श्रेष्ठी अशोक चांदवाड़, महावीर गोनेर वाले, महेंद्र छाबड़ा लाल कोठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पांचों दीक्षार्थियों की संयम की ओर बढ़ती यात्रा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक भावों से ओतप्रोत कर दिया। उनकी दीक्षा पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी के सानिध्य में 25 अक्टूबर को दिल्ली में होगी। श्रद्धालुओं ने दीक्षार्थियों के त्याग, तप एवं संयम के संकल्प के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए उनके मंगलमय आध्यात्मिक जीवन की कामना की।
पदम जैन बिलाला


