700 अर्घ्य अर्पित कर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के रूप में मनाया रक्षाबंधन

जयपुर | शाबाश इंडिया।
दिगंबर जैन मंदिर, महारानी फार्म, गायत्री नगर, जयपुर में गुरुवार को रक्षाबंधन महापर्व के अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अकंपाचार्यादि 700 महामुनियों की पूजा बड़े ही श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ की गई। गायत्री नगर में प्रथम बार आयोजित इस धार्मिक आयोजन में देवाधिदेव 1008 श्री श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक तथा परम पूज्य आचार्य अकंपाचार्य एवं आचार्य श्री विष्णु कुमार महामुनिराज के वात्सल्य को स्मरण करते हुए रक्षाबंधन महापर्व को श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के रूप में मनाया गया।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि इस अवसर पर श्रेयांसनाथ भगवान, अकंपाचार्यादि 700 मुनियों एवं वात्सल्य महामुनिराज विष्णु कुमार जी की पूजा की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य संजय-नीलम ठोलिया, आयुषी सोनी परिवार, कुबेर इंद्र आलोक-प्रमिला शाह एवं अरुण-ज्योति शाह परिवार को प्राप्त हुआ। द्रव्य पुण्यार्जक के रूप में सुनील-लता सोगानी परिवार सहित उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने पूजा-अर्चना में सहभागिता की।
पूजन के पश्चात मंडल पर 700 अर्घ्य अर्पित किए गए। उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों एवं श्रद्धालुओं ने भी भक्तिभावपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए।
सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गईं। उन्होंने रक्षाबंधन महापर्व के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हस्तिनापुर में अकंपाचार्य आदि 700 मुनिराजों पर तत्कालीन नवें महापद्म चक्रवर्ती के समय घोर उपसर्ग किया गया था। इन मुनिराजों की रक्षा वात्सल्य महामुनिराज विष्णु कुमार ने की थी। इसी ऐतिहासिक प्रसंग की स्मृति में रक्षाबंधन महापर्व मनाया जाता है। इसी पर्व को श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के रूप में मनाने की प्रेरणा परम पूज्य निर्यापक मुनि सुधा सागर जी महाराज ने दी है।
समस्त कार्यक्रम का संचालन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने किया। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को भगवान श्रेयांसनाथ जी के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर प्रातः 6:15 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात सामूहिक निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जाएगा।
उदयभान जैन
जयपुर
मो. 9414306696


