
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
दर्द से जूझते मरीजों को बिना सर्जरी राहत देने की दिशा में करीब दो दशक से सक्रिय डॉ. गौरव पाईवाल की सेवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार पहचान मिल रही है। रीढ़, गर्दन, घुटनों तथा मस्क्युलोस्केलेटल समस्याओं के उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में 19 वर्षों से कार्यरत डॉ. पाईवाल को महज दो महीनों के भीतर पांच प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है।
न्यू केशव नगर स्थित डॉ. पाईवाल फिजियोथेरेपी एंड डायबिटिक फुट केयर क्लिनिक में सेवाएं दे रहे डॉ. पाईवाल ने वर्ष 2007 से अब तक हजारों मरीजों को गैर-शल्य चिकित्सा आधारित फिजियोथेरेपी और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा भी विशिष्ट रही है। उन्होंने कानून, प्रबंधन और फिजियोथेरेपी जैसे तीन अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में स्नातक शिक्षा प्राप्त की है।
हाल के महीनों में उनकी उपलब्धियों की श्रृंखला खास तौर पर उल्लेखनीय रही। अंतरराष्ट्रीय फिजियोथेरेपी जर्नल ‘फिजियो टाइम्स’ ने उन्हें ‘इंटरनेशनल आइकॉन्स ऑफ फिजियोथेरेपी’ सम्मान से सम्मानित किया। जुलाई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘इंडियन आइकॉन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। इसके बाद ‘द सीईओ इंडिया’ मैगजीन ने अगस्त 2026 के प्रिंट संस्करण के कवर पर उन्हें स्थान देते हुए ‘ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया।
इसी क्रम में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के ‘विकसित भारत-3’ संस्करण में फिजियोथेरेपी क्षेत्र में उनके योगदान को ‘फ्यूचर बीकॉन्स अवॉर्ड’ के माध्यम से रेखांकित किया गया। वहीं स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2026 को उदयपुर के गांधी ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी और जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने उन्हें ‘राजस्थान सरकार एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026’ प्रदान किया।
लगातार मिले ये सम्मान डॉ. पाईवाल के लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी और पुनर्वास चिकित्सा के प्रति बढ़ते विश्वास का भी संकेत हैं। उनकी 19 वर्षों की सेवा यात्रा यह दर्शाती है कि निरंतर अभ्यास, बहुआयामी अध्ययन और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धति किसी विशेषज्ञ की पहचान को स्थानीय दायरे से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकती है।
रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’


