
जयपुर | शाबाश इंडिया।
श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, विवेक विहार, जयपुर में श्रुतचंद्रिका आर्यिका श्री 105 सुविज्ञमति माताजी ससंघ के 10वें पावन वर्षायोग के लिए भव्य चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया।

चातुर्मास समिति संयोजक नरेश जैन मेड़ता ने बताया कि सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पदमचंद-राजमती देवी पाटनी द्वारा चातुर्मास के ध्वजारोहण के पश्चात आर्यिका संघ का पांडाल में मयूर नृत्य के साथ भव्य प्रवेश हुआ। आर्यिका सुविज्ञमति माताजी का विकास-अंजना काला द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया। इसके बाद भारतवर्ष के विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से गुरु पूजन किया।
आदिनाथ दिगम्बर जैन महिला मंडल की सदस्यों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात रमेश कुमार-रौनक सराफ द्वारा संपूर्ण आर्यिका संघ को शास्त्र भेंट किए गए।
चातुर्मास समिति संयोजक भागचंद पाटनी ने बताया कि समारोह में पांच मुख्य कलश एवं 100 से अधिक श्रावक कलशों की स्थापना की गई।
मुख्य मंगल कलश, आचार्य सन्मति सागर कलश एवं आचार्य सुनील सागर कलश की स्थापना भागचंद, कांतादेवी, नितिन, समता, विपिन एवं मोना पाटनी द्वारा की गई। आचार्य आदि सागर कलश की स्थापना सुशील कुमार, विकास एवं अंजना काला द्वारा की गई, जबकि आचार्य महावीर कीर्ति कलश की स्थापना रमेशचंद, मंजू देवी, रौनक, शिवानी, संदीप एवं आस्था सराफ परिवार द्वारा की गई।
मंदिर अध्यक्ष अनिल जैन एवं मंदिर सचिव सुनील सरावगी ने बताया कि वर्षायोग के दौरान विवेक विहार दिगम्बर जैन मंदिर में 16 दिवसीय अखंड शांति विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही चातुर्मास के दौरान नियमित प्रवचन भी मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे हैं।
चातुर्मास समिति संयोजक नरेश जैन मेड़ता ने बताया कि स्थापना समारोह में वर्षायोग समिति के सभी कार्यकारिणी सदस्य, मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।


