
किशनगढ़ | शाबाश इंडिया।
सम्पर्क संस्थान की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में अग्रसेन विहार, मदनगंज-किशनगढ़ में आयोजित रजत जयंती समारोह में अरिहंत ग्लोबल सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राहुल कुमार जैन के जीवन-संघर्ष, संकल्प और सफलता पर आधारित पुस्तक ‘जिद जिसने मुकाम दिलाया’ का विमोचन किया गया। लेखिका राशिका शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं सम्पर्क संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने किया। इस अवसर पर राहुल कुमार जैन अपनी पत्नी सुनीता जैन के साथ उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रहे, जबकि अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने की। किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी, रोजियम ग्रुप के चेयरमैन अर्पित जैन एवं किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
रजत जयंती समारोह में साहित्य एवं सृजन को विशेष स्थान देते हुए कुल 11 पुस्तकों का विमोचन किया गया। राहुल कुमार जैन ने सभी लेखकों एवं लेखिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहित्य समाज के अनुभवों, संघर्षों और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
11 वर्ष की उम्र में शुरू हुई ‘जिद’, 29 वर्षों की यात्रा बनी किताब
‘जिद जिसने मुकाम दिलाया’ राहुल कुमार जैन की उस प्रेरणादायी यात्रा को सामने लाती है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1997 में महज 11 वर्ष की उम्र में हुई। सीमित संसाधनों के बीच पापड़ बेचने जैसे छोटे प्रयासों से शुरू हुआ उनका सफर ईमानदारी, मेहनत, ग्राहक संबंधों और निरंतर आगे बढ़ने की सोच के साथ आगे बढ़ा और आज अरिहंत ग्लोबल के रूप में विस्तृत व्यावसायिक यात्रा में बदल चुका है।
पुस्तक में उनके संघर्षों, कंपनी की स्थापना, सीमित संसाधनों में बेहतर करने की कोशिश और बदलते समय के साथ स्वयं को लगातार विकसित करने की सोच को रेखांकित किया गया है। इसमें माता-पिता, भाई, परिवार और विशेष रूप से उनकी जीवनसंगिनी सुनीता जैन के सहयोग एवं योगदान को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
इस अवसर पर राहुल कुमार जैन ने कहा कि जिद हर उम्र में होती है। उनके अनुसार जब तक जीवन की धड़कन है, तब तक सकारात्मक जिद और कुछ बेहतर करने की इच्छा भी बनी रहनी चाहिए। यही इच्छा व्यक्ति को कुछ करने, कुछ बनने और अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने लेखिका राशिका शर्मा, सम्पर्क संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा, मार्गदर्शक मंडल एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 29 वर्षों की जीवन-यात्रा को पुस्तक के रूप में देखना उनके लिए भावुक एवं यादगार क्षण है।
छोटी शुरुआत से बड़े मुकाम का संदेश
‘जिद जिसने मुकाम दिलाया’ केवल राहुल कुमार जैन की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और असफलताओं के बीच निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। पुस्तक का संदेश है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सकारात्मक सोच, निरंतर कर्म और कुछ बेहतर करने की जिद कायम रहे तो छोटी शुरुआत भी बड़े मुकाम की नींव बन सकती है।
समारोह के दौरान सम्पर्क संस्थान की 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सदस्यों एवं विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाली विभूतियों को ‘रजत सम्मान’ एवं ‘सम्पर्क गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सम्पर्क संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा, महासचिव सुनील अग्रवाल, समन्वयक महासचिव रेनू ‘शब्दमुखर’, कार्यक्रम संयोजक डॉ. अखिल शुक्ला एवं उपाध्यक्ष विमल चौहान सहित संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य, साहित्यकार, समाजसेवी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
साहित्यिक चर्चाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा समारोह सम्पर्क संस्थान की 25 वर्षों की सेवा, साहित्य, संस्कार, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों की यात्रा का उत्सव बन गया।


