
जयपुर | शाबाश इंडिया।
नसियां भट्टारकजी, जयपुर में वात्सल्य रत्नाकर परम पूज्य आचार्य श्री 108 विमलसागर जी मुनिराज के अंतिम दीक्षित शिष्य पूज्य उपाध्याय 108 श्री ऊर्जयंत सागर जी मुनिराज के 33वें वर्षायोग के उपलक्ष्य में रविवार को मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में जयपुर सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ग्वालियर, इंदौर, ऋषभदेव, साबला, दौसा, उदयपुर, कोटा एवं सलूम्बर सहित विभिन्न स्थानों से हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
चातुर्मास समिति के महामंत्री सुखानन्द जैन ने बताया कि समारोह का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण से हुआ। ध्वजारोहण का सौभाग्य वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी के अध्यक्ष श्री सुधांशु कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।
मुख्य संयोजक रूपेन्द्र छाबड़ा ने बताया कि चित्र अनावरण का सौभाग्य श्री सुभाष जैन एवं श्रीमती शशि जैन जौहरी (सी-स्कीम, जयपुर) को मिला। समन्वयक मनीष बैद ने बताया कि दीप प्रज्वलन का पुण्य लाभ श्रीमती पुष्पलता काला, धर्मपत्नी स्वर्गीय विद्याविनोद काला तथा श्री विवेक काला एवं श्रीमती आशा काला परिवार को प्राप्त हुआ।
विधानाचार्य पंडित मुकेश जैन शास्त्री ‘मधुर’ के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान, मंगलाचरण एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
प्रचार संयोजक बाबूलाल जैन ईटून्दा ने बताया कि मुख्य मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य मातोश्री गून्नी देवी, रविकुमार, खुशबू, अक्षिता, अवनी एवं अनिका गोधा (ऑरेलिया परिवार) को प्राप्त हुआ। वहीं पाद प्रक्षालन का सौभाग्य समाजश्रेष्ठी हर्षचंद, मनोज एवं सम्यक सोगानी परिवार (पहाड़ी वाले, दुर्गापुरा) को मिला।
समारोह के सफल आयोजन पर चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी धार्मिक आयोजनों में भी इसी प्रकार सहभागिता बनाए रखने का आग्रह किया।


