
जयपुर | शाबाश इंडिया।
अजमेर रोड स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, धावास में राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज की सुयोग्य शिष्या आर्यिका सुविज्ञमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और धर्माराधना के वातावरण से गुंजायमान है।
मंदिर समिति के संरक्षक एवं निर्माण संयोजक जय कुमार जैन बड़जात्या ने बताया कि विधान के दौरान सौधर्म इन्द्र, कुबेर इन्द्र, मैना सुंदरी-श्रीपाल एवं यज्ञनायक के नेतृत्व में 32 अर्घ्य समर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से विधान में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बैद ने बताया कि बाल ब्रह्मचारिणी श्रेया दीदी एवं प्रतिष्ठाचार्य अक्षय जैन भैया के निर्देशन में संपन्न मण्डल पूजन में मंदिर समिति के परम संरक्षक एवं गुरुभक्त गजेन्द्र कुमार बड़जात्या, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील जैन तथा आयुर्वेदाचार्य डॉ. नरेन्द्र शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समिति के मंत्री नितेश ठोलिया ने बताया कि सायंकाल श्री सन्मति सुनीलम् महिला मंडल के निर्देशन में सिद्धचक्र महामंडल विधान पर आधारित धार्मिक हाऊजी का रोचक एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंदिर समिति से जुड़े नरेश सौगाणी एवं प्रमोद जैन ने बताया कि मंदिर परिसर में उमड़ रही अपार श्रद्धा और भक्ति को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो देवगण स्वयं इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनने पधारे हों।
कार्यकारिणी सदस्य विनय जैन ने बताया कि सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य प्रेमलता ठोलिया परिवार, यज्ञनायक बनने का सौभाग्य हैमेन्द्र लुहाड़िया परिवार, कुबेर इन्द्र बनने का सौभाग्य जय कुमार जैन बड़जात्या परिवार तथा मैना सुंदरी-श्रीपाल बनने का सौभाग्य मनोज-सीमा बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ।


