
ब्यावर | शाबाश इंडिया।
ब्यावर। श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण दल कुम्भलगढ़ का भ्रमण कर ब्यावर लौट आया। भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराना था।
यात्रा के दौरान छात्राओं ने विश्व धरोहर कुम्भलगढ़ दुर्ग, चारभुजा नाथ मंदिर तथा आसपास के ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया। साथ ही जंगल सफारी के माध्यम से वन्यजीवों एवं प्राकृतिक परिवेश को करीब से देखा। इस दौरान उन्हें कुम्भलगढ़ के इतिहास, महाराणा कुम्भा के योगदान तथा मेवाड़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी दी गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.सी. लोढ़ा ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर इतिहास, संस्कृति और प्रकृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे अनुभव उनके आत्मविश्वास, व्यवहारिक समझ एवं व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यवहारिक अनुभव भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में नई सोच और आत्मविश्वास का संचार करते हैं।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ समूह में कार्य करना, अनुशासन, समय प्रबंधन एवं आपसी सहयोग जैसे जीवन मूल्यों को भी व्यवहारिक रूप से सीखा। छात्राओं ने इस यात्रा को उत्साहपूर्ण, ज्ञानवर्धक एवं यादगार अनुभव बताया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान व्याख्याता नवीन देवड़ा, गिरीश कुमार बैरवा, नितिन साहू, पंकज शर्मा, सुरेंद्र सिंह, डॉ. रीना, अंजली कावड़िया, डॉ. रोमा रतानी, कविता परसोया एवं रजनी ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया।


