शाबाश इंडिया | कोटा।

परम पूज्य संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के 58वें दीक्षा दिवस के अवसर पर श्रद्धा एवं भक्ति भाव से उन्हें कोटिशः नमोस्तु अर्पित किए गए।
इस अवसर पर राष्ट्र गौरव पारस जैन “पार्श्वमणि”, पत्रकार कोटा द्वारा आचार्य श्री के जीवन, त्याग, तपस्या और संयम पर आधारित भावपूर्ण भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत रचना में आचार्य श्री के ब्रह्मचर्य व्रत, संयम जीवन, जिनवाणी के प्रचार तथा समाज को दिए गए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
भक्ति गीत में आचार्य श्री को “विद्या गुरु” के रूप में स्मरण करते हुए उनके त्यागमय जीवन, मोह-माया से विरक्ति, तथा भेदज्ञान और तत्वचिंतन के संदेश को रेखांकित किया गया। रचना में यह भी उल्लेख किया गया कि आचार्य श्री ने पंचम काल में भी कुंद-कुंद परंपरा के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया।
लेखक ने अपनी प्रस्तुति में कहा कि आचार्य श्री का जीवन प्रेरणा का स्रोत है, जिनके सान्निध्य में अनेक शिष्यों ने संयम और साधना का मार्ग अपनाया। भक्ति रचना में उन्हें “विद्या गुरु हमारा” कहकर भावपूर्ण नमन किया गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के चरणों में नमन करते हुए उनके बताए गए संयम, अहिंसा और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


