Tuesday, June 30, 2026

नवीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर का होगा भव्य शिलान्यास, विशाल कलश यात्रा निकलेगी

शाबाश इंडिया | टोंक।

आर्यिका विज्ञा श्री ससंघ के पावन सानिध्य में रौनक पार्क कॉलोनी, टोंक में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार को नवीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर का भव्य शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा।

प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया कि मंगलवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञा श्री ने कहा कि चेहरे का सौंदर्य समय के साथ बदल जाता है, लेकिन आत्मा का सौंदर्य उसके दिव्य गुणों से सदैव महकता रहता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सुंदरता मन की पवित्रता, विचारों की श्रेष्ठता, वाणी की मधुरता और व्यवहार की विनम्रता में निहित है।

उन्होंने कहा कि प्रेम, शांति, करुणा, सहनशीलता और दया जैसे गुण जब जीवन में प्रकट होते हैं, तब व्यक्तित्व बिना बोले ही हृदयों को स्पर्श करता है।

कार्यक्रम के तहत बुधवार सुबह 6:30 बजे आदर्श नगर मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई रौनक पार्क कॉलोनी पहुंचेगी। यात्रा में महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर तथा पुरुष पचरंगी ध्वज के साथ शामिल होंगे।

रौनक पार्क कॉलोनी पहुंचने के बाद मंगल कलश के जल से भूमि शुद्धि की जाएगी। इसके पश्चात अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, ध्वजारोहण, मंगल प्रवचन, शिलान्यास क्रियाएं, भूमि पूजन, वास्तु विधान एवं स्वर्ण, रजत तथा ताम्र शिलाओं की स्थापना की जाएगी। सभी धार्मिक अनुष्ठान प्रतिष्ठाचार्य पंडित मनोज जैन शास्त्री (बागरोही) के निर्देशन में संपन्न होंगे।

ध्वजारोहण मोहनलाल, मदनलाल, पदमचंद एवं ज्ञानचंद छामुनिया परिवार द्वारा किया जाएगा, जबकि मुख्य शिलान्यासकर्ता के रूप में स्वर्गीय केसर लाल, फूलचंद, गुलाब चंद एवं चंदालाल गोयनका परिवार शामिल रहेगा।

मंदिर समिति ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था की है। कार्यक्रम में टोंक, निवाई, देवली, टोडारायसिंह, जयपुर, कोटा, बूंदी सहित मुंबई से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, अरनिया केदार गांव स्थित लगभग 250 वर्ष प्राचीन मंदिर ईसरदा बांध डूब क्षेत्र में आने के कारण उसका स्थानांतरण कर रौनक पार्क कॉलोनी में नवीन मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की 15 इंच की पांच फणों वाली दुर्लभ पाषाण प्रतिमा विराजमान होगी। कुल 11 प्रतिमाएं (6 पाषाण एवं 5 अष्टधातु) स्थापित की जाएंगी।

नवीन मंदिर लगभग 40×40 फीट आकार में निर्मित किया जाएगा, जिसमें सभी जिन प्रतिमाओं को विधि-विधान के साथ प्रतिष्ठित किया जाएगा।

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