शाबाश इंडिया | ब्यावर।

अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस के अवसर पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की ब्यावर शाखा द्वारा “आईसीएआई एमएसएमई महोत्सव – एक दिन एमएसएमई के नाम, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एमएसएमई की सेवा में” विषय पर एक दिवसीय सहायता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआई भवन, ब्यावर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। शाखा अध्यक्ष सीए प्रितेश बडोला ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, विभागीय अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उद्योग जगत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा एमएसएमई को वित्तीय प्रबंधन, नियम अनुपालन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में सीए रुचि गुप्ता (जयपुर) ने श्रम कानूनों में हाल ही में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों एवं उनके उद्योगों पर प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं सीए अंकित गोयल (जयपुर) ने एमएसएमई के विकास की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए पंजीकरण, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं एवं व्यवसाय विस्तार के अवसरों की जानकारी साझा की।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, ब्यावर के महाप्रबंधक भूपेन्द्र सिंह ने अपनी टीम के साथ उपस्थित होकर उद्यमियों को विभागीय योजनाओं, औद्योगिक प्रोत्साहनों एवं सुविधाओं की जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न सहायता एवं परामर्श केंद्र आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें श्रम विभाग, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, रीको, चार्टर्ड अकाउंटेंट सहायता केंद्र, यस बैंक तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल रहे। इन केंद्रों पर विशेषज्ञों ने उद्योग स्थापना, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं एवं श्रम कानूनों के अनुपालन पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, उद्यमी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं व्यवसायियों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया।
शाखा के सचिव सीए अंकुर गोयल, कोषाध्यक्ष सीए आशय छल्लानी तथा सिकासा अध्यक्ष सीए अमित सुराणा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में उपाध्यक्ष सीए आभास हालाखंडी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।


