Tuesday, September 22, 2026

श्री दिगम्बर जैन मंदिर चंद्रप्रभजी, दुर्गापुरा में श्रुत पंचमी पर्व हर्षोल्लास से सम्पन्न

पहली बार 108 माँ जिनवाणी की हुई स्थापना, आचार्य प्रज्ञासागर महाराज ने गौलोक धाम में 2026 के चातुर्मास की घोषणा की

जयपुर, 19 जून 2026। श्री दिगम्बर जैन मंदिर चंद्रप्रभजी ट्रस्ट, दुर्गापुरा के तत्वावधान में शुक्रवार को श्रुत पंचमी महापर्व तपोभूमि प्रणेता, व्याख्यान वाचस्पति एवं पर्यावरण संरक्षक परम पूज्य आचार्य 108 प्रज्ञासागर महामुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने वर्ष 2026 के अपने चातुर्मास स्थल की घोषणा भी की।

ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रकाशचंद चांदवाड़ एवं उपाध्यक्ष नरेश बाकलीवाल ने बताया कि प्रातः 8 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ माँ जिनवाणी की स्थापना, अभिषेक एवं पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रुतावतरण कथा एवं प्रथम ग्रंथ षट्खण्डागम का वाचन किया गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा, “श्रुत ज्ञान श्रद्धा का आधार है, मोक्ष पथ का सच्चा द्वार है। ज्ञान ही दर्शन है, दर्शन ही चरित्र है और चरित्र ही मोक्ष का मार्ग है।”

इस अवसर पर आचार्य पुष्पदंत-भूतबली, आचार्य जिनसेन, आचार्य नेमीचंद, आचार्य समंतभद्र एवं आचार्य कुंदकुंद की परंपरा के प्रति श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए अनेक परिवारों ने सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से प्रकाशचंद–मनोरमा चांदवाड़, भागचंद–मनोरमा बाकलीवाल, अजीत कुमार–शशि तोतूका, अनिल–शोभी पाटनी तथा मोहनलाल–शांता जैन मणि सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का मंत्र न्यास संस्कार संपन्न कराया गया, जिसमें उनकी जिह्वा पर अमृत से स्वस्ति मंत्र का न्यास किया गया।

दुर्गापुरा के इतिहास में पहली बार 108 पुण्यार्जक परिवारों द्वारा 108 माँ जिनवाणी की स्थापना की गई, जो समारोह का विशेष आकर्षण रही।

आचार्य प्रज्ञासागर महाराज ने इस अवसर पर घोषणा की कि उनका वर्ष 2026 का चातुर्मास गौलोक धाम, निमोड़िया में संपन्न होगा।

इस दौरान नाभिराय सोगानी, विनोद जैन कोटखावदा, सुरेश बाकलीवाल, धनराज जैन, पी.सी. जैन, रवि जैन सहित सूर्य नगर तारों की कूट जैन समाज के प्रतिनिधियों ने श्रीफल भेंट कर आचार्य श्री से मंगल आगमन का निवेदन किया।

राजस्थान जैन सभा, जयपुर ने महावीर जयंती समारोह की अभूतपूर्व सफलता के लिए आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन एवं महामंत्री मनीष बैद के नेतृत्व में प्रशस्ति-पत्र भेंट किया।

इससे पूर्व समाजश्रेष्ठी अनिल बनेठा एवं देवेंद्र बाकलीवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन प्रकाशचंद, दीपक एवं नरेश बाकलीवाल (निमोड़िया परिवार) द्वारा किया गया, जबकि युवा समाजसेवी सोनू जैन केकड़ी ने जिनवाणी भेंट की।

कार्यक्रम का संचालन बाल ब्रह्मचारी संस्कार भैया ने किया। समारोह में पुरुष श्रद्धालु सफेद कुर्ता-पायजामा तथा महिलाएं सफेद साड़ी के निर्धारित ड्रेस कोड में शामिल हुईं।

सायंकाल 7 बजे पालना महोत्सव, महाआरती एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।

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