Thursday, April 23, 2026

जीवन जीने का लक्ष्य बनाये- आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी

अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी में 24 नवम्बर को प्रवेश संभावित

जयपुर । यदि माता पिता बोले कि ऐसी सन्तान मुझे हर जन्म में मिले तो इसका मतलब आप उनकी सेवा की परीक्षा में पास हो गये है।माता पिता के प्रति समर्पित सन्तान को मन से आशीर्वाद मिलता है। जो सन्तान सेवा नहीं करती है उसे माता पिता की परीक्षा में फेल होना पडता है ।लौकिक परीक्षा के साथ जीवन की परीक्षा के लिए भी तैयारी करनी चाहिए। बहू जब सांस से पूछकर कोई काम करती है तो घर में सुख शांति रहती है। घर परिवार की शांति के लिए अहंकार छोडना पडता है। बहू को ससुराल के माहौल के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। परिवार जनों में अपने प्रति मोह ममता पैदा करनी चाहिए। कहीं भी जाओ तो पहले अपनी जड़ जमाओं। जीवन पूरी परीक्षा है, इसे सिस्टम से जीना पड़ता है । जिसका जीवन अनबैलेंस है उसके जीवन में दुःख ही दुःख होता है ।जीवन जीने का एक लक्ष्य होना चाहिए । इस मनुष्य काया को धर्म,जिन प्रभावना में लगाना चाहिए।पुरुषार्थ करते रहो फल की चिन्ता मत करो। ये उदगार भारत गौरव स्वस्ति धाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने सिकंदरा के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में व्यक्त किए। इससे पूर्व शुरू में ‘नवकार जपता है… मंगलाचरण चन्द्रकान्ता लुहाड़िया ने तथा इक अर्ज मेरी सुनो ….. जिनेन्द्र जैन ‘जीतू’ ने प्रस्तुत किया।
धर्म सभा का संचालन राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा ‘ने करते हुए पूजनीया माताजी ससंघ के स्वस्ति धाम जहाजपुर से जयपुर की ओर विहार करने के एक वर्ष पूर्ण होने की जानकारी देते हुए बताया कि माताजी ने जहाजपुर से गत 17 नवम्बर,2021 को जयपुर, पदमपुरा हेतु विहार किया था । इससे पूर्व माताजी ससंघ का सिकंदरा चौराहे से विशाल जुलूस के साथ श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर सिकंदरा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।मार्ग में कई स्थानों पर पाद पक्षालन एवं मंगल आरती की गई।


इस मौके पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी राजस्थान के अध्यक्ष प्रसिद्ध वास्तुविद राज कुमार कोठ्यारी, राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’, श्री दिगम्बर जैन पद यात्रा संघ जयपुर के सूर्य प्रकाश छाबड़ा, मनीष लुहाडिया, राजेन्द्र जैन मोजमाबाद, देवेन्द्र गिरधरवाल,पवन जैन, अजय बड़जात्या, राजस्थान जैन सभा के कार्यकारिणी सदस्य जिनेन्द्र जैन जीतू,संगिनी फोरम जेएसजी मेट्रो जयपुर की संस्थापक अध्यक्ष दीपिका जैन ‘कोटखावदा’, दौसा जैन समाज के अध्यक्ष आलोक जैन, मंत्री प्रवीण जैन, राजेन्द्र खैरवाल, रमेश जैन,जयपुर से श्रीमती पुष्पा सोनी,सुनिता हल्दनिया, बाड़ा पदमपुरा से मनोज सोनी, सिकंदरा से भाग चन्द लुहाड़िया, अनिल लुहाड़िया, प्रदीप जैन, जयपुर प्रतापनगर से निर्मल पाटोदी,अनिल जैन,विनय जैन कटपीस वालों सहित जयपुर, दौसा एवं आसपास के गांवों कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण शामिल हुए। चातुर्मास कमेटी के उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि इससे पूर्व पूजनीया माताजी ससंघ का रेटा गांव से प्रातः 7.00 बजे मंगल विहार होकर सिकन्दरा चौराहे पहुंची । मार्ग में श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने सपत्नीक आशीर्वाद प्राप्त किया। सायंकाल महाआरती,गुरु भक्ति एवं आनन्द यात्रा के आयोजन किए गए।

श्री चन्द्र प्रभू विधान का संगीतमय आयोजन हुआ
शुक्रवार,18 नवम्बर को प्रात: 7.30 बजे माताजी ससंघ के सानिध्य में अभिषेक, शांति धारा के बाद धर्म सभा में माताजी के मंगल आशीर्वचन हुए। दोपहर में श्री चन्द्र प्रभू विधान का संगीतमय आयोजन किया गया। पूजनीया माताजी ससंघ का शनिवार 19 नवम्बर को प्रातः 7.00 बजे सिकंदरा से पांच दुकान गीजगढ़ रोढ के लिए मंगल विहार होगा। आहार चर्या एवं सामायिक के बाद माताजी ससंघ विहार कर सायंकाल नयागांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुचेगी जहां रात्रि विश्राम होगा। रविवार,20 नवम्बर को माताजी ससंघ विहार कर राजकीय विद्यालय मोतीपुरा पहुचेगी जहां आहार चर्या होगी। पूजनीया माताजी ससंघ श्री महावीर जी में होने वाले भगवान महावीर के महामस्तकाभिषेक महोत्सव एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में सानिध्य प्रदान करेगी। माताजी ससंघ का श्री महावीरजी में गुरुवार,24 नवम्बर को मंगल प्रवेश संभावित है।

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