
जयपुर | शाबाश इंडिया।
आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक मुनि श्री 108 विलोक सागरजी महाराज एवं मुनि श्री विबोध सागरजी महाराज ससंघ ने बुधवार, 14 अक्टूबर को मीरा मार्ग स्थित जैन मंदिर से त्रिवेणी नगर के जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश किया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पाद प्रक्षालन और आरती कर मुनि संघ की अगवानी की।
मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र काला एवं मुनि सेवा संघ के श्री महावीर कासलीवाल ने बताया कि मंगल प्रवेश के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रावकों ने मुनि श्री का पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी। त्रिवेणी नगर जैन मंदिर पहुंचने पर महिला मंडल की महिलाओं ने मंगल कलश के साथ मुनि संघ का स्वागत किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भी पाद प्रक्षालन और आरती कर श्रद्धापूर्वक अगवानी की।
धर्मसभा में आत्मकल्याण और आंतरिक शांति का संदेश
धर्मसभा में दीप प्रज्ज्वलन, मुनि श्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य समाजश्रेष्ठी अशोक-शिमला पापड़ीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद के प्रचार प्रभारी (राजस्थान अंचल) नरेश कासलीवाल ने बताया कि धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि जीवन जीने का सही मार्ग बाहरी दिखावे और आडंबरों को छोड़कर आत्मकल्याण, सदाचार, विवेकपूर्ण सोच और मानसिक शांति पर ध्यान केंद्रित करना है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और असंतोष आम हो गए हैं। ऐसे में बाहरी भौतिक सफलता, धन और पद-प्रतिष्ठा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आंतरिक संतुलन और आत्म-साक्षात्कार है। व्यक्ति को अपने जीवन में सदाचार अपनाकर आत्मिक शांति और कल्याण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
समाज के गणमान्यजन रहे उपस्थित
इस अवसर पर मंदिर समिति के कैलाश सौगाणी, अंकुर पाटोदी, अशोक पापड़ीवाल, भागचंद पाटनी, कमल चांदवाड़, जितेंद्र मोहन कासलीवाल, अशोक अजमेरा, देवेंद्र कासलीवाल, हीरा जैन, नरेंद्र सेठी, सुनील-संजीव लुहाड़िया, प्रशांत अजमेरा, दीपचंद जैन, राजेश णमोकार, विनोद अजमेरा, नितिन-नितेश छाबड़ा, विजय पांड्या, संजय सौगाणी और गौरव जैन सहित समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शिमला पापड़ीवाल के साथ बबीता लुहाड़िया, मृदुला काला, मैना पाटनी, मनोरमा चांदवाड़ और वंदना अजमेरा सहित महिला मंडल की सदस्याओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
मुनि संघ के सान्निध्य में प्रतिदिन शाम को गुरु भक्ति एवं शंका समाधान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को धर्मलाभ प्राप्त होगा।


