
जयपुर | शाबाश इंडिया।
राजस्थान पुलिस अकादमी के सभागार में रविवार शाम नाटक जामुन का पेड़ का सफल मंचन किया गया। पुलिस अकादमी के प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों ने दिल खोलकर सराहा और कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
रंग शिल्प के सचिव राजेंद्र शर्मा ‘राजू’ ने बताया कि उर्दू के प्रसिद्ध अफसानानिगार मरहूम कृष्ण चंदर की मूल कहानी पर आधारित इस नाटक का नाट्य रूपांतरण वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज गोस्वामी ने किया, जबकि निर्देशन ईश्वर दत्त माथुर ने किया।
नाटक में सरकारी तंत्र की लालफीताशाही पर करारा व्यंग्य प्रस्तुत किया गया। कहानी में जामुन के पेड़ के नीचे दबे एक व्यक्ति को बाहर निकालने के बजाय उसे बचाने की प्रक्रिया फाइल-दर-फाइल आगे बढ़ती रहती है। अधिकारी और विभागीय व्यवस्था अपनी औपचारिकताओं में उलझी रहती है और अंततः इसी लालफीताशाही के बीच वह व्यक्ति दम तोड़ देता है। नाटक ने प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनहीनता और अनावश्यक कागजी प्रक्रिया पर प्रभावी सवाल खड़े किए।
मंचन में मोइनुद्दीन खान, लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, अशोक माहेश्वरी, आलोक चतुर्वेदी, सर्वेश व्यास, जितेंद्र कुमार शर्मा, मनोज स्वामी, राहुल नीरज गोस्वामी, ईश्वर दत्त माथुर, गुरमिंदर सिंह पुरी ‘रोमी’, यादवेंद्र यादव और अनीस अंसारी ने अपने-अपने पात्रों को प्रभावी ढंग से निभाते हुए दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
नाटक के संगीत पक्ष की जिम्मेदारी धनराज दाधीच ने संभाली, जबकि प्रकाश एवं मंच व्यवस्था राजेंद्र शर्मा ‘राजू’ की रही। कलाकारों की सशक्त अदाकारी, व्यंग्यपूर्ण संवाद और प्रभावी मंच संयोजन ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया।


