
इंदौर | शाबाश इंडिया।
राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में मानवीय मूल्यों की मजबूती के लिए निरंतर प्रयास करते रहना आवश्यक है। जिस प्रकार सूर्य बिना रुके सभी को समान रूप से प्रकाश देता है, उसी प्रकार यदि मनुष्य मानवीय मूल्यों को अपनाए और उनका सम्मान करे, तो उसका सकारात्मक प्रतिफल स्वतः प्राप्त होता है।
सुमित धाम गौधा स्टेट में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जीना चाहता है, लेकिन दूसरों का सम्मान होते देख प्रसन्न नहीं होता। इस प्रवृत्ति में परिवर्तन लाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सद्कर्म करता है, उसका सम्मान समाज स्वयं करता है।
इससे पूर्व मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज को राजकीय अतिथि घोषित किया है। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को इंदौर में होने वाला मुनिश्री का भव्य मंगल प्रवेश ऐतिहासिक होगा। यदि हर घर और हर दिल में चातुर्मास की तैयारी होगी, तो उसका आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। इस घोषणा पर चातुर्मास धर्म प्रभावना समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुनिश्री अठारह पिच्छिकाओं के संघ के साथ सेटलाइट नगर से मंगल विहार करते हुए औद्योगिक क्षेत्र के मार्ग से सुमित धाम गौधा स्टेट पहुंचे, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य अगवानी की। सपना-मनीष गौधा परिवार ने श्रीफल अर्पित कर पाद-प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया।
धर्मसभा में मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कभी भी “यह मेरे बस की बात नहीं है” जैसे नकारात्मक शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि गुरु के मुख से कोई प्रेरणा या आदेश प्राप्त हो, तो उसे अपनी क्षमता से बाहर मानने के बजाय उसे पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, गुरु पर श्रद्धा और सकारात्मक सोच से व्यक्ति असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी सफलतापूर्वक कर सकता है।
मुनिश्री ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन, अनुशासन, सेवा और संस्कारों को जीवन में उतारने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धर्म आराधना, संयम और सेवा कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।


