नई दिल्ली | विशेष संवाददाता 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड ने इस बार इतिहास रच दिया। ‘नारी शक्ति’ और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अनूठे प्रदर्शनों ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। परेड में पहली बार लद्दाख के ठंडे रेगिस्तान की शान कहे जाने वाले दो कूबड़ वाले ऊंट और दुश्मन के ड्रोन को नेस्तनाबूद करने वाले शिकारी बाज शामिल हुए।

बर्फीले रेगिस्तान के योद्धा: बैक्ट्रियन ऊंट
इस साल की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण दो कूबड़ वाले (बैक्ट्रियन) ऊंट रहे। भारतीय सेना ने पहली बार इन्हें राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर उतारा है। आमतौर पर ये ऊंट $17,000$ फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के काराकोरम पास जैसे दुर्गम इलाकों में रसद पहुंचाने के काम आते हैं। इनका प्रदर्शन भारत की भौगोलिक विविधता और कठिन परिस्थितियों में सेना की मुस्तैदी को दर्शाता है।
ड्रोन के काल: शिकारी बाज
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के दस्ते के साथ इस बार ट्रेंड शिकारी बाज भी नजर आए। आधुनिक तकनीक के युग में, सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों और जासूसी ड्रोनों को हवा में ही ढेर करने के लिए इन बाजों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। प्रकृति और सुरक्षा का यह संगम पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक किया गया।
चलती बाइक पर 18 फीट की ऊंचाई: नारी शक्ति का उदय
परेड के रोमांच को चरम पर ले गईं ‘डेयरडेविल्स’ टीम की महिला जवान। मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए एक महिला जवान ने चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी लगाकर उस पर चढ़ने का साहसिक कारनामा किया। यह दृश्य ‘नारी शक्ति’ और अदम्य साहस का प्रतीक बन गया, जिसकी सराहना राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि सहित पूरे जनसमूह ने की।


