तप कल्याणक दिवस श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया
मुकेश जैन लार। बड़ागांव धसान। उदार सागर जन कल्याण तीर्थ क्षेत्र पर आयोजित श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिंब पंचकल्याणक एवं प्राण प्रतिष्ठा, विश्व शांति महायज्ञ के तहत तप कल्याणक दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। मुकेश जैन लार बतलाया दोपहर 12 बजे से नाभिराय दरबार का आयोजन हुआ, जिसमें ऋषभ कुमार का विवाह भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान की बारात धूमधाम से निकाली गई। भगवान आदिनाथ के समय भोग भूमि का समापन होने के कारण लोगों को भोजन, कपड़े और अन्य भौतिक वस्तुओं की कमी होने लगी थी। भगवान ऋषभनाथ (आदिनाथ) ने कर्म सिद्धांत समझाया, जिससे कर्म भूमि की शुरुआत हुई।
आदिनाथ की पुत्रियों ब्राह्मणी और सुंदरी ने अंक लिपि और संसार को ज्ञान प्रदान किया। भगवान आदिनाथ ने ही कृषि, मसि (व्यापार), असि (शस्त्र) आदि की जानकारी लोगों को दी और उन्हें जीवन जीने की राह दिखाई।देश-विदेश से आए राजाओं की उपस्थिति में नीलांजना नर्तकी के नृत्य का मंचन किया गया। नृत्य के दौरान नर्तकी का देहांत हो जाता है। यह देखकर राजा आदिनाथ को वैराग्य हो गया। उन्होंने राज्य-पाट छोड़कर वन की ओर तप करने का निर्णय लिया। वैराग्य दर्शन की इस झांकी का नाट्य मंचन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को प्रभावित किया।


