उड चला पंछी रे हरी भरी डाल से।
रोको रे रोको कोई गुरु को विहार से।।
सैकड़ों श्रद्धालु हुए मंगल विहार जुलूस में शामिल
जयपुर। चातुर्मास समापन पश्चात भगवती जिन दीक्षा महोत्सव के विशाल आयोजन के बाद आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ का सांगानेर थाना सर्किल पर स्थित चित्रकूट कालोनी के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर से शुक्रवार, 21 नवम्बर को मंगल विहार हुआ। इस मौके पर आचार्य शशांक सागर मुनिराज सहित बडी संख्या में समाज बंधु विहार जुलूस में शामिल हुए। मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल जैन काशीपुरा एवं महामंत्री मूल चन्द पाटनी के मुताबिक आचार्य श्री ससंघ के मंगल विहार से पूर्व धर्म सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि चातुर्मास के बाद साधु का विहार होना सामान्य प्रक्रिया है। दिगम्बर जैन संत बहता पानी है जो एक जगह ठहरता नहीं है। ये तो चलते फिरते तीर्थं होते हैं। साधुओं के चातुर्मास के दौरान चार माह एक स्थान पर ठहरने पर श्रावकों का उनसे घुल मिल जाना वाजिब है। लेकिन धर्म प्रभावना एवं जिनवाणी के प्रसार के लिए साधु का अन्यत्र विहार होना आगम सम्मत है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर अग्रसर होने एवं देव शास्त्र गुरु के प्रति सदैव समर्पित रहने का आशीर्वाद दिया। विहार पूर्व विदाई समारोह में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने चित्रकूट समाज में अपने चातुर्मास के दौरान समाज के लोगो के तन मन धन से समर्पण को आशीर्वाद प्रदान किया! धर्म सभा में बडी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष एवं आचार्य सुन्दर सागर महाराज चातुर्मास समिति के मुख्य प्रचार प्रसार समन्वयक विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि चातुर्मास के बाद दिगम्बर जैन संतों के मंगल विहार पर श्रद्धालुओं के चेहरे पर उदासी छा जाती है। गुरु का मंगल विहार होने पर सब दुखी होने लगते हैं। ऐसा महसूस होता है कि जैसे कोई अपने परिवार का सदस्य हम से बिछुड़ कर बहुत दूर जा रहा हो। कई बार तो लोगो की आंखों में आंसू भर आते हैं।
आचार्य श्री ससंघ दोपहर 2.30 बजे विशाल जुलूस के रुप में बैण्ड बाजों के साथ चित्रकूट कालोनी से एस एफ एस स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के लिए रवाना हुए। इस दौरान – – – –
” सूना है आंगन और सूना यह मन।
गुरु छोड़कर ना जाओ यही कहती हैं धड़कन।।
यादो के मीठे पल हर दम याद आयेगें।” ये पंक्तियाँ गुनगुनाते हुए नवयुवक मंडल के सदस्य, महिला मण्डल की सदस्याओं सहित सभी बच्चे, बच्ची, स्त्री पुरुषों की आंखों में अश्रुधारा बह रही थी।हर कोई श्रावक आचार्य श्री ससंघ से रुकने की मनुहार कर रहा था। मार्ग में जगह जगह आचार्य संघ के पाद पक्षालन एवं मंगल आरती कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया। सुनील जैन लोहेवाला ने इस मंगल विहार जुलूस को पिछले कई वर्षों में निकले सबसे भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायी मंगल जुलूस की संज्ञा दी ! मंगल विहार जुलूस में अनिल जैन काशीपुरा, मूल चन्द पाटनी,सुनील जैन लोहेवाला,महेन्द्र सोगानी, एडवोकेट सुरेन्द्र सोगानी, मनीष सोगानी,राहुल सिंघल, मनीष पाटनी, बबीता सोगानी, अंजना गंगवाल, पुष्पा सोनी, विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि मंगल विहार जुलूस के न्यू सांगानेर रोड पर रेल्वे पुलिया पहुचने पर एस एफ एस मंदिर की महिला मण्डल की सदस्याओं द्वारा सिर पर मंगल कलश लेकर एवं एस एफ एस कालोनी के जैन बन्धुओं द्वारा जयकारें लगाकर आचार्य संघ की भव्य अगवानी की गई । जुलूस के मंदिर के बाहर पहुचने पर एस एफ एस दिगम्बर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष कमलेश चन्द जैन एवं महामंत्री सोभाग मल जैन के नेतृत्व में आचार्य संघ के पाद पक्षालन एवं मंगल आरती कर भव्य अगवानी की गई ।
मंदिर दर्शन के बाद धर्म सभा का आयोजन हुआ जिसमें आचार्य सुन्दर सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए। विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक एस एफ एस दिगम्बर जैन मंदिर में सायंकाल 6.00 बजे आगम युक्त श्रुत शंका समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।इस दौरान आचार्य सुन्दर सागर महाराज द्वारा श्रावक – श्राविकाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सोभाग मल जैन ने बताया कि एस एफ एस जैन मंदिर में आचार्य श्री ससंघ का लगभग 7 दिवस का प्रवास रहने की संभावना है। इस दौरान प्रतिदिन प्रातः अभिषेक, शांतिधारा के बाद पूजा अर्चना होगी। प्रातः 8.15 बजे आचार्य सुन्दर सागर महाराज के मंगल प्रवचन होगें। दोपहर में सामायिक के बाद शास्त्र चर्चा, प्रतिक्रमण के आयोजन होगें। सायंकाल आगम युक्त श्रुत शंका समाधान कार्यक्रम के बाद आचार्य संघ की आरती की जाएगी।


