
हर घर में एक गौमय दीपक जलाने का आह्वान, पार्षद नवीन भंडारी की वर्षों की गौसेवा को मिला जन-अभियान का स्वरूप
जयपुर (शाबाश इंडिया)। भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, पर्यावरण संरक्षण और गौमाता के सम्मान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गौपालन दीपावली अभियान के तहत गाय के गोबर से निर्मित 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 गौमय दीपकों के निर्माण का संकल्प लिया गया है। गोसमग्र अभियान के प्रभारी एवं जयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 44 के पार्षद नवीन कुमार भंडारी इस संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
नवीन भंडारी का गौसेवा से जुड़ाव किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं है। वे पिछले कई वर्षों से श्रीराम आशापूरण चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और समाजोपयोगी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। गौकाष्ठ निर्माण, गौमय दीपक तथा गोबर से बनने वाले विभिन्न उपयोगी उत्पादों को प्रोत्साहित करने में उनकी विशेष भूमिका रही है। उनका मानना है कि गौसेवा केवल श्रद्धा और भावनाओं तक सीमित न रहकर आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बननी चाहिए।
इसी सोच के साथ ट्रस्ट द्वारा गोबर को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ अर्थात अपशिष्ट से संपदा में बदलने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। गौमय उत्पादों के निर्माण से महिलाओं को स्वरोजगार, युवाओं को नए उद्यम स्थापित करने के अवसर और गौपालकों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध हो सकते हैं। इस अभियान में गोसमग्र संस्था का विशेष सहयोग एवं सहभागिता मिल रही है। नवीन भंडारी ने संस्था के सभी सहयोगियों एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
भंडारी ने वार्ड 44 के प्रत्येक परिवार सहित राजस्थान एवं देशवासियों से अपील की है कि पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान कम से कम एक दीपक गौमाता के गोबर से निर्मित अवश्य जलाएं। इसके लिए क्षेत्रवासियों को गौमय दीपकों के पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है तथा गोबर को पवित्र एवं मंगलकारी माना गया है। ऐसे में गौमय दीपक जलाना आस्था, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सुंदर माध्यम है।
नवीन भंडारी का कहना है कि गौमाता को निर्भर नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनाना ही सच्ची गौसेवा है। जब गाय का गोबर गौपालकों के लिए आय, रोजगार और आर्थिक समृद्धि का साधन बनेगा, तब गौपालन को भी नई मजबूती मिलेगी। उनका प्रयास है कि गौमाता के गोबर से दीपक, गौकाष्ठ और अन्य उपयोगी उत्पादों का निर्माण बढ़े, जिससे गौपालकों को आजीविका के नए अवसर मिल सकें। गौमाता का संरक्षण तभी स्थायी रूप से मजबूत होगा, जब समाज उसके संरक्षण के साथ उसकी आर्थिक उपयोगिता और आत्मनिर्भरता को भी समझेगा।
उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि इस दीपावली केवल अपने घर को रोशन न करें, बल्कि गौमाता और गौपालक परिवारों के जीवन में भी खुशहाली का उजाला लाएं। यदि हर परिवार एक गौमय दीपक अपनाता है, तो यह छोटी-सी सहभागिता बड़े सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बन सकती है।
उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम स्वयं सुधरेंगे तो परिवार सुधरेगा, परिवार सुधरेगा तो प्रदेश सुधरेगा और प्रदेश सुधरेगा तो राष्ट्र सुधरेगा।
अंत में नवीन भंडारी ने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि इस दीपावली एक दीप गौमाता के नाम जलाएं तथा गौमाता को आत्मनिर्भर बनाने, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनें।
नवीन कुमार भंडारी पार्षद, वार्ड संख्या 44 जयपुर नगर निगम


