
जैन मंदिरों में गूंजेंगे भगवान महावीर के जयकारे, राजस्थान जैन सभा की ओर से भट्टारक जी की नसियां में होगा मुख्य आयोजन
जयपुर (शाबाश इंडिया)। विश्व वंदनीय जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2553वां निर्वाणोत्सव सोमवार, 9 नवंबर को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर उपाध्याय उर्जयन्त सागर मुनिराज के सानिध्य में भट्टारक जी की नसियां में राजस्थान जैन सभा, जयपुर की ओर से मुख्य आयोजन किया जाएगा।
इससे पूर्व शहर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में भगवान महावीर की पूजा-अर्चना कर जयकारों के बीच निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा।
राजस्थान जैन सभा, जयपुर के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन एवं महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि महोत्सव में महापौर सुनील कोठारी समारोह गौरव के रूप में शामिल होंगे। मुनि भक्त अशोक-शकुन्तला चांदवाड पाद पक्षालन एवं शास्त्र भेंट करेंगे। आर्किटेक्ट रीजनल काउंसिल एशिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुषार सोगानी दीप प्रज्ज्वलन करेंगे, जबकि समाजसेवी जी.सी. जैन एवं विशल्या देवी जैन, अलवर वाले, मुख्य निर्वाण लाडू अर्पित करेंगे। समाजश्रेष्ठी भूपेन्द्र-अनिता ठोलिया, विजय, विराट दीवान, अनुराग-कीर्ति पाटनी तथा वैद्यराज फूल चन्द-मनोरमा देवी जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्य संयोजक अशोक जैन नेता ने बताया कि आयोजन में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी की अखंड ज्योति की लौ से भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। इस अवसर पर महावीर नाम के सौभाग्यशाली 24 श्रावक पूजा-अर्चना करेंगे।
सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन एवं उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि प्रातः 8:15 बजे नसियां स्थित मंदिर जी से श्रीजी को जयकारों के बीच तोतूका सभागार में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद भगवान महावीर स्वामी की संगीतमय पूजा होगी। उपाध्याय उर्जयन्त सागर मुनिराज को शास्त्र भेंट किया जाएगा तथा उनका पाद पक्षालन किया जाएगा। उपाध्याय श्री के मंगल प्रवचन होंगे। निर्वाण कांड भाषा के सामूहिक उच्चारण के बाद जयकारों के बीच मोक्ष के प्रतीक निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा।
संयोजक जिनेन्द्र जैन जीतू एवं एडवोकेट राजेश काला ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में भगवान महावीर की महाआरती की जाएगी। इसके बाद समाज बंधुओं का सामूहिक वात्सल्य सहभोज होगा।
शहर के 250 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
राजस्थान जैन युवा महासभा, जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि सोमवार, 9 नवंबर को भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक दिवस एवं 2553वां निर्वाणोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर चातुर्मास स्थलों सहित शहर के 250 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में प्रातः पूजा-अर्चना कर मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा तथा जयकारों के बीच निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी दीपावली के दूसरे दिन निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा।
सेठी कॉलोनी स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका प्रमुख जिन देवी माताजी ससंघ तथा मंगल विहार स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आर्यिका अर्हं श्री माताजी ससंघ के सानिध्य में भगवान महावीर की निर्वाण स्थली पावापुरी सिद्ध क्षेत्र की भव्य झांकी सजाई जाएगी और निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा।
पावापुरी में हुआ था भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक
उल्लेखनीय है कि भगवान महावीर स्वामी ने पावापुरी के विशाल पद्मसरोवर से मोक्ष प्राप्त किया था। इसका प्राचीन नाम अपावापुर (पुण्य भूमि) है। पावापुरी भगवान महावीर की निर्वाण स्थली एवं अंतिम देशना स्थली है।
विनोद जैन के अनुसार, उत्तर पुराण में आचार्य गुणभद्र (7वीं-8वीं शताब्दी) ने उल्लेख किया है कि 15 अक्टूबर, 527 ईसा पूर्व, कार्तिक कृष्ण अमावस्या को स्वाति नक्षत्र के उदय के समय भगवान महावीर ने सुप्रभात की शुभ बेला में अघातिया कर्मों का नाश कर निर्वाण प्राप्त किया था। उस समय दिव्यात्माओं ने महावीर प्रभु की पूजा की और दीप-पंक्तियों के प्रकाश से पावां नगरी आलोकित हो उठी। सम्राट श्रेणिक सहित अन्य नरेशों ने अपनी प्रजा के साथ निर्वाण उत्सव मनाया। तभी से प्रतिवर्ष भगवान महावीर के निर्वाण दिवस को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हुए नैवेद्य (लाडू) से पूजा की जाती है।
उन्होंने बताया कि इसका उल्लेख प्रसिद्ध जैन ग्रंथ हरिवंश पुराण में भी मिलता है। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण के 256 वर्ष और साढ़े तीन माह बाद भगवान महावीर का जन्म हुआ था। 72 वर्ष की आयु के अंत में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के अंतिम समय, अमावस्या के अत्यंत प्रातःकाल में स्वाति नक्षत्र के दौरान उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया। उसी समय भगवान महावीर के प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी को केवलज्ञान प्राप्त हुआ और देवों ने रत्नमयी दीपकों से प्रकाश कर उत्सव मनाया।
विनोद जैन के मुताबिक, सांगानेर स्थित श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर संघीजी, आगरा रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी, मोती सिंह भोमियो का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर चौबीस महाराज, गोपालजी का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर कालाडेरा (महावीर स्वामी) तथा तारों की कूंट, सूर्य नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सहित शहर के 250 से अधिक मंदिरों में पूजा-अर्चना एवं निर्वाण लाडू चढ़ाने के विशेष आयोजन होंगे।
विनोद जैन ‘कोटखावदा’
प्रदेश महामंत्री
राजस्थान जैन युवा महासभा, जयपुर


