
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
विद्या भवन में ‘एजुकेशन टू एडमिनिस्ट्रेशन’ संवाद में मूल्यपरक शिक्षा पर जोर, पूर्व मुख्य सचिव डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक ‘सैंड्स टू शोर्स’ का विमोचन
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां हासिल करना या पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जिनमें संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना हो। ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों का विकास ही सशक्त समाज और विकसित भारत की आधारशिला है।
यह विचार राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित ‘एजुकेशन टू एडमिनिस्ट्रेशन’ संवाद में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने डूंगरपुर मूल के केरल के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक ‘सैंड्स टू शोर्स’ का विमोचन किया।
डिग्री से आगे बढ़कर चरित्र निर्माण पर हो जोर
देवनानी ने कहा कि साक्षरता और वास्तविक शिक्षा में बड़ा अंतर है। श्रेष्ठ प्रशासन केवल कानूनों और सरकारी आदेशों से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता से स्थापित होता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का विकास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कार उपदेशों से अधिक आचरण से विकसित होते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में तकनीकी प्रगति के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े रहना भी जरूरी है।
रेतीली धरती से प्रशासन के शिखर तक का प्रेरक सफर
पुस्तक के लेखक डॉ. विश्वास मेहता ने अपनी जीवन यात्रा के भावुक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि ‘सैंड्स टू शोर्स’ जन्मभूमि की मिट्टी से कर्मभूमि के समुद्री तटों तक पहुंचने की कहानी है। उन्होंने माता-पिता और दादा-दादी के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिजनों का त्याग, ईमानदारी और अथक परिश्रम ही उनकी प्रशासनिक सफलता की वास्तविक पूंजी बने। देवनानी ने उनकी जीवन यात्रा को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आत्मनिर्भरता की राह
विशिष्ट अतिथि प्रो. कैलाश सोडाणी ने कहा कि बदलते समय में अनुभवपरक शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं और समृद्ध पुस्तकालय युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार तायलिया ने संस्था की सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित शैक्षणिक यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने इंटरनेशनल स्कूल और स्पोर्ट्स एकेडमी जैसी भावी पहलों का भी उल्लेख किया।
खेल प्रतिभा और विश्व रिकॉर्डधारी का सम्मान
समारोह में कनाडा में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले विद्यार्थी महेश कुमार को सम्मानित किया गया। उन्हें वाल्केम इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक अरविंद सिंघल और विद्या भवन सोसायटी की ओर से 21-21 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। वहीं, तीसरा विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले दीपक दीक्षित का भी अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में उद्योगपति अरविंद सिंघल उपस्थित रहे। संचालन डॉ. कनिका शर्मा ने किया, जबकि सेवानिवृत्त आईएएस राजेंद्र भट्ट ने आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट : संजय धाकड़


