
जयपुर | शाबाश इंडिया।
वैदिक कन्या पी.जी. महाविद्यालय, राजा पार्क, जयपुर एवं वर्ल्ड हेल्थ एंड वेलनेस फेस्ट (WHWF) के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘सृजन—SRIJAN: The Pursuit of Well-being in the 21st Century’ का शुभारंभ हुआ। कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और समकालीन चुनौतियों से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विद्या समिति एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री ए.टी. श्रीनिवासन ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। संस्था प्रधान श्रीमती मृदुला सामवेदी ने आगंतुकों का उत्साहवर्धन किया। महाविद्यालय के निदेशक श्री पंकज जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि प्राचार्य डॉ. पूनम चोपड़ा ने संस्थागत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
शिक्षाविदों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजीव जैन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में राजकीय कन्या महाविद्यालय, सवाई माधोपुर के प्रो. गोपाल सिंह, राजस्थान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रो. एच.एस. शर्मा, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. डॉ. एन.डी. माथुर तथा जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. नवीन माथुर शामिल रहे।
विशेष अतिथि के रूप में राजकीय कन्या महाविद्यालय, सवाई माधोपुर के प्रो. डॉ. राजेश शर्मा और इसी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. मनीष शर्मा ने विचार व्यक्त किए। महाराजा महाविद्यालय की प्राचार्य एवं की-नोट स्पीकर प्रो. सरीना कालिया ने भी अपने विचार साझा किए।
दो तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत हुए शोध पत्र
कॉन्फ्रेंस के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी फाइव ईयर लॉ कॉलेज के पूर्व निदेशक प्रो. अनिल मेहरा ने की तथा समन्वयक डॉ. लता सहानी रहीं। इस सत्र में प्रो. अनुकृति शर्मा, डॉ. सिवार अतालय शिमशेक (तुर्की), डॉ. वर्तिका गुलाटी, डॉ. अदिति दाधीच एवं शिवा (कंबोडिया) ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता IDS की प्रो. कंचन माथुर ने की तथा समन्वयक प्रो. अनुपमा शर्मा रहीं। इस सत्र में डॉ. नेहा दुआ, डॉ. इरीना (उज्बेकिस्तान), प्रो. मैक्सिमिलियानो (अर्जेंटीना), श्री कमल सिंह (शांतिकुंज) एवं ICG के प्रो. मनोज सैनी ने शोध प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सचिव श्री नंद किशोर सोनी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘सृजन’ ने विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध दृष्टिकोणों को साझा करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रदान किया।


