
जयपुर | शाबाश इंडिया।
दिगंबर जैन धर्मावलंबियों के विश्वप्रसिद्ध तीर्थ श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा (बाड़ा) का वार्षिक मेला एवं वार्षिकोत्सव रविवार, 25 अक्टूबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुनि मार्दव नंदी महाराज के सानिध्य में भगवान पद्मप्रभु की विशाल खड्गासन प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक, संगीतमय विधान पूजा, भव्य रथयात्रा एवं कलशाभिषेक सहित अनेक धार्मिक आयोजन हुए। दिनभर तीर्थ परिसर भगवान पद्मप्रभु के जयकारों से गूंजता रहा।
मंत्रोच्चार के साथ हुआ पंचामृत अभिषेक
राजस्थान जैन युवा महासभा, जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन एवं मानद मंत्री एडवोकेट हेमंत सोगानी के नेतृत्व में प्रातः 7 बजे भूगर्भ से प्रकटित मूलनायक भगवान पद्मप्रभु की प्रतिमा का मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया।
मेला संयोजक जितेंद्र मोहन जैन ने बताया कि प्रातः 9:30 बजे इंद्रों ने शुद्ध केसरिया वस्त्र धारण कर भगवान पद्मप्रभु की विशाल खड्गासन प्रतिमा का जल, चंदन, दुग्ध, दही, घृत, केसर, हल्दी एवं सर्वौषधि सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से पंचामृत अभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान की आराधना की।
संगीतमय पद्मप्रभु विधान में झूमे श्रद्धालु
अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन एवं महामंत्री एडवोकेट हेमंत सोगानी ने बताया कि दोपहर 12:15 बजे प्रतिष्ठाचार्य अनिल कुमार जैन शास्त्री के निर्देशन में संगीतमय पद्मप्रभु विधान पूजा आयोजित हुई। संगीत और भक्ति के संगम के बीच श्रद्धालु झूम उठे। समुच्चय महाअर्घ्य समर्पित करने के बाद महाआरती की गई।
बैंड-बाजों के साथ निकली भव्य रथयात्रा
दोपहर 3:15 बजे मंदिर से बैंड-बाजों के साथ भगवान पद्मप्रभु की विशाल रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाचते-गाते और भगवान पद्मप्रभु के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए।
सायंकाल 4:15 बजे मंदिर परिसर में जयकारों के बीच श्रीजी का कलशाभिषेक किया गया। इसके बाद समाजबंधुओं के लिए सामूहिक गोठ का आयोजन हुआ। महाआरती के साथ वार्षिकोत्सव का समापन हुआ।
आयोजन में प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।
विनोद जैन कोटखावदा


