
श्रीमहावीरजी | शाबाश इंडिया।
श्री दिगम्बर जैन पदयात्रा संघ, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित 40वीं जयपुर-श्रीमहावीरजी पदयात्रा सोमवार, 19 अक्टूबर को भगवान महावीर के जयकारों के बीच श्रीमहावीरजी पहुँची। 14 अक्टूबर को संघीजी की नसियां, खानिया से संरक्षक सुभाष चन्द जैन एवं संयोजक महेश चन्द जैन के नेतृत्व में रवाना हुई इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। चांदनगांव से पदयात्री बैंड-बाजों के साथ नाचते-गाते जुलूस के रूप में मुख्य मंदिर पहुँचे और भगवान महावीर के सामूहिक दर्शन किए। जुलूस में स्थानीय आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की छात्राओं का बैंड वादन आकर्षण का केंद्र रहा।
तिलक-माल्यार्पण कर किया स्वागत
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र प्रबंधकारिणी समिति एवं स्थानीय जैन समाज की ओर से कटले के मुख्य द्वार पर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। प्रशासनिक समन्वयक भारतभूषण जैन, मैनेजर नेमी चन्द पाटनी एवं अन्य कार्मिकों ने तिलक और माल्यार्पण कर पदयात्रियों की अगवानी की।
संघ के प्रचार प्रभारी विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि पदयात्रियों ने ‘ओम श्री महावीराय नमः’ के सामूहिक जयघोष के साथ भगवान महावीर के चरणों में अर्घ्य समर्पित किए। इसके बाद कटला प्रांगण में विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ पूर्व संयोजक शैलेन्द्र साह एवं महेन्द्र गिरधरवाल के निर्देशन में मंगल वंदना हुई। सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में पदयात्रा के दौरान हुई त्रुटियों और असुविधाओं के लिए संरक्षक सुभाष चन्द जैन सहित पदाधिकारियों ने क्षमा याचना की। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमा माँगी और छोटों ने बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
पदयात्रियों एवं प्रतिभाओं का सम्मान
दोपहर 3 बजे कटला प्रांगण में आयोजित सम्मान समारोह में पदयात्रा संघ के पूर्व संयोजकों और सभी पदयात्रियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। धार्मिक ज्ञान प्रकाश प्रतियोगिता के 40 पुरस्कार भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में समाज श्रेष्ठी कैलाश-शिमला जैन एवं अन्य अतिथियों ने भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। प्रेम चन्द-रचना जैन, अशोक जैन नेता, कैलाश चन्द, निलेश, विपिन, चंचल जैन, सतीश, सौरभ अजमेरा तथा गौरव-पूजा जैन विशिष्ट एवं सम्माननीय अतिथि के रूप में शामिल हुए। रेखा जैन ने मंगलाचरण किया और विनेश सोगानी ने मंच संचालन किया।
संघ के संरक्षक सुभाष चन्द जैन, संयोजक महेश चन्द जैन, पूर्व संयोजक प्रेम चन्द कोठ्यारी, वैद्य अशोक गोधा, निर्मल सोगानी, कुंथी लाल रावकां, सुरेश ठोलिया, प्रकाश गंगवाल, दूली चन्द चांदवाड़, सूर्य प्रकाश छाबड़ा, गोपाल संघी, सलिल जैन, शैलेन्द्र साह ‘चीकू’, सुमन गोधा, महेन्द्र गिरधरवाल, अमर चन्द दीवान खोराबीसल, मनीष लुहाड़िया, राजेन्द्र जैन मोजमाबाद, राजकुमार बड़जात्या, देवेन्द्र गिरधरवाल, जिनेन्द्र जैन, पवन जैन, सुशील जैन, भाग चन्द गोधा, सह-संयोजक सुकुमार जैन, राजेश शाह, दीपा गोधा, नरेन्द्र शाह, ज्ञान चन्द जैन, अरुणा दीवान और राजीव जैन सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सहयोगियों ने सम्मान समारोह में सहभागिता की।
क्षेत्रीय सह-संयोजकों में पंकज बड़जात्या (चौमूं), विक्रम पाण्डया (खोराबीसल), जितेन्द्र गंगवाल (जोबनेर), अजय जैन (अजमेर), सुरेश छाबड़ा (सीकर), राहुल जैन (रुलाना), अजय काला (चंदलाई) और चन्द्रकान्ता लुहाड़िया (सिकंदरा) सहित अन्य सदस्यों ने भी पदयात्रियों का तिलक-माल्यार्पण कर प्रतीक चिह्न भेंट किए।
दशलक्षण महापर्व एवं पंचमेरु के उपवास करने वाले, रत्नत्रय का तेला करने वाले, पदयात्रा मार्ग में णमोकार महामंत्र की सर्वाधिक मालाएँ फेरने वाले, सबसे वयोवृद्ध पदयात्री तथा सबसे कम उम्र के पदयात्री 9 वर्षीय अंचित बड़जात्या को भी सम्मानित किया गया। नंगे पैर पदयात्रा करने वाले विशाल जैन (चौमूं), महावीर गोदीका (रॉयल एवेन्यू), अनिल जैन एवं रेखा जैन (प्रतापनगर) का भी सम्मान हुआ।
नई कार्यकारिणी की घोषणा, संगीतमय आरती के बाद कवि सम्मेलन
समारोह में संरक्षक सुभाष चन्द जैन ने आगामी वर्ष के लिए संघ की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। संयोजक महेश चन्द जैन ने पदयात्रियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शाम को भगवान महावीर की संगीतमय आरती के बाद अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया।
20 अक्टूबर को होगा शांति विधान
संघ के संरक्षक सुभाष चन्द जैन एवं प्रचार संयोजक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मंदिर प्रांगण में शांति विधान पूजा होगी। सौधर्म इन्द्र-इन्द्राणी महेश चन्द-रेखा जैन के नेतृत्व में साज-सज्जा के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे पदयात्री बसों से जयपुर के लिए रवाना होंगे।
धर्म, भक्ति और सेवा का संदेश लेकर निकली पदयात्रा
प्रचार प्रभारी विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि यात्रा मार्ग में मोहनपुरा, दौसा, सिकंदरा, गुढ़ाचंद्रजी और नादौती सहित विभिन्न स्थानों के दिगम्बर जैन मंदिरों में धार्मिक प्रश्न मंच, ज्ञानवर्धक जैन धार्मिक हाउजी, पूजा, भक्ति संगीत, कलशाभिषेक, धार्मिक अंताक्षरी, अभिषेक और शांतिधारा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिदिन सुबह विश्व के सभी प्राणियों के मंगल की कामना के साथ प्रार्थना और शाम को भगवान महावीर की आरती की गई। पदयात्रा के दौरान मंदिरों, विद्यालयों और संस्थाओं के सहयोग से सामाजिक गतिविधियाँ भी संचालित की गईं।
1986 से जारी है पदयात्रा संघ की परंपरा
विनोद जैन के अनुसार, संघ वर्ष 1986 से जयपुर से श्रीमहावीरजी की पदयात्रा आयोजित कर रहा है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2000 में जयपुर से शाश्वत तीर्थराज श्रीसम्मेद शिखरजी तक 1,300 किलोमीटर की पदयात्रा, वर्ष 2003 में जयपुर से कुंडलपुर (बड़े बाबा) तक 800 किलोमीटर की पदयात्रा तथा वर्ष 2006 में बेंगलुरु से श्रवणबेलगोला स्थित बाहुबली की 140 किलोमीटर की पदवंदना 444 पदयात्रियों के साथ संपन्न की गई। वर्ष 2018 में जयपुर से हवाई मार्ग द्वारा बेंगलुरु पहुँचकर वहाँ से श्रवणबेलगोला तक 140 किलोमीटर की पदयात्रा में 151 पदयात्री शामिल हुए।
संघ धार्मिक आयोजनों के साथ समाज एवं मानव सेवा के कार्य भी कर रहा है। इसी क्रम में कुंडलपुर में विशाल औषधालय का निर्माण कराया गया, जहाँ आयुर्वेद एवं प्राणोपचार पद्धति से हजारों रोगियों का उपचार किया जा चुका है। औषधालय में संघ की ओर से अनेक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए गए हैं।
विनोद जैन ‘कोटखावदा’
प्रचार प्रभारी


