
जयपुर | शाबाश इंडिया।
मुनि श्री 108 विलोक सागरजी महाराज ने शुक्रवार को त्रिवेणी नगर स्थित संत भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु ही मोक्ष का मार्ग बताते हैं। प्रभु की महिमा को समझने और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए गुरु से जुड़ना आवश्यक है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। दीप प्रज्ज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद प्रक्षालन अनिल-निर्मला सेठी परिवार ने किया। प्रवचन के अंत में महाराजश्री द्वारा पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर देने पर सुरेश सेठ परिवार की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए।
मंदिर समिति के मंत्री शैलेन्द्र जैन ने बताया कि समाजजनों, महिला मंडल और मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रवचन का लाभ लिया। पार्श्वनाथ कॉलोनी, निर्माण नगर, अजमेर रोड के अध्यक्ष मुकेश नागेश्वरिया, मंत्री पदमचंद गंगवाल सहित समाजजनों ने महाराजश्री को श्रीफल भेंट किया।
इससे पूर्व महाराजश्री संघ सहित शांतिनगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे, जहां समाजजनों ने पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी। प्रतिदिन शाम को गुरु भक्ति और शंका समाधान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
— नरेश कासलीवाल प्रचार प्रभारी, राजस्थान अंचल अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद


