
जयपुर | शाबाश इंडिया।
गुलाबी नगरी जयपुर के धार्मिक एवं आध्यात्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जनकपुरी-ज्योतिनगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर के सहस्रकूट जिनालय में वर्ष 2018 में स्थापना के बाद पहली बार विराजमान अष्टधातु की 1008 जिन प्रतिमाओं का सामूहिक महामस्तकाभिषेक आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के तहत 11 से 18 अक्टूबर 2026 तक आठ दिवसीय धार्मिक महोत्सव मनाया जाएगा।
श्री जिन सहस्रनाम विधान, 1008 जिन प्रतिमाओं के महामस्तकाभिषेक, आचार्य श्री के दीक्षा दिवस समारोह और लिफ्ट कार्य के शुभारंभ के उपलक्ष्य में आयोजित महोत्सव के पोस्टर का विमोचन शुक्रवार को आचार्य श्री के सानिध्य में मंदिर परिसर में किया गया।
वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक पदम जैन बिलाला ने बताया कि आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में 11 से 17 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 7:15 बजे से श्री जिन सहस्रनाम विधान, पूजा-अर्चना एवं जिन आराधना होगी।
18 अक्टूबर को होगा ऐतिहासिक महामस्तकाभिषेक
महोत्सव का मुख्य आकर्षण रविवार, 18 अक्टूबर को सहस्रकूट जिनालय में विराजमान अष्टधातु की 1008 जिन प्रतिमाओं का प्रथम सामूहिक महामस्तकाभिषेक होगा। प्रतिमाओं को 64 शिलाओं पर विराजित कर 24 तीर्थंकरों के नाम से 24 समूहों में अभिषेक किया जाएगा। प्रत्येक समूह में 48 जिन प्रतिमाएं होंगी, जो भक्तामर स्तोत्र के 48 काव्यों का स्मरण कराएंगी। महामस्तकाभिषेक सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश छाबड़ा एवं मंत्री देवेंद्र कासलीवाल ने बताया कि इसी दिन दोपहर 1:15 बजे आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। साथ ही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर विजेताओं को पारितोषिक प्रदान किए जाएंगे।
सहस्रकूट जिनालय जयपुर की जैन संस्कृति, कला, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का विशिष्ट प्रतीक है। यहां 1008 जिन प्रतिमाओं का प्रथम सामूहिक महामस्तकाभिषेक जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर होगा। यह आयोजन गुलाबी नगरी के धार्मिक इतिहास में भी एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। महोत्सव में जयपुर सहित देशभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


