
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
किताबों में पढ़ी चिकित्सा संबंधी जानकारियां जब अस्पताल के वास्तविक वातावरण में सामने आईं, तो विद्यार्थियों की जिज्ञासा और उत्साह देखते ही बना। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लेकर मरीजों की जांच और उपचार की प्रक्रियाओं तक, हर अनुभव ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर दिया।
यह अनुभव पेसिफिक कॉलेज के विद्यार्थियों को उमरड़ा स्थित साई तिरुपति विश्वविद्यालय के पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) अस्पताल के शैक्षणिक भ्रमण के दौरान मिला। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न पहलुओं से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
विद्यार्थियों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों और उपविभागों का अवलोकन किया। उन्होंने जाना कि मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर उसकी जांच, उपचार और आवश्यक देखभाल तक अलग-अलग विभाग आपसी समन्वय के साथ किस तरह कार्य करते हैं।
स्वास्थ्य जांच से मिला जागरूकता का संदेश
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी की गई। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने समझा कि नियमित स्वास्थ्य जांच संभावित समस्याओं की समय रहते पहचान करने में सहायक हो सकती है। साथ ही, इससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिलती है।
दवाइयों की उपयोगिता और चिकित्सकीय सलाह का महत्व जाना
संघ चेयरपर्सन आशीष अग्रवाल ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए दवाइयों से जुड़ी जानकारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्हें विभिन्न औषधियों के उपयोग, उपचार में उनकी भूमिका और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने यह भी समझा कि दवाइयों का उपयोग निर्धारित मात्रा और चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार करना क्यों जरूरी है।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि अस्पताल केवल बीमारियों के उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक तकनीक, मानवीय संवेदनाओं और सेवाभाव का संगम भी है।
पेसिफिक कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रिमझिम गुप्ता ने बताया कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए अनुभव आधारित शिक्षा का महत्वपूर्ण अवसर बनी। भ्रमण के माध्यम से किताबी ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने के साथ स्वास्थ्य के प्रति उनकी समझ और जागरूकता को भी बढ़ावा मिला।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’ / फोटो: दिव्या लावटी


