
आगरा | शाबाश इंडिया।
गुदड़ी मंसूर खां स्थित श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन गुरुवार, 24 सितंबर को उत्तम आकिंचन्य धर्म की श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। प्रातः श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं अष्टद्रव्य से विधि-विधानपूर्वक पूजन कर धर्मलाभ अर्जित किया।
पंडितजी ने उत्तम आकिंचन्य धर्म की व्याख्या करते हुए बताया कि आकिंचन्य का भाव केवल बाहरी वस्तुओं के त्याग तक सीमित नहीं है, बल्कि मन के भीतर बसे मोह, ममता और परिग्रह को छोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण पक्ष है। धन-संपत्ति एवं सांसारिक वस्तुओं के प्रति आसक्ति कम करके ही व्यक्ति आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।
शांतिधारा के दौरान श्रद्धालुओं ने सुख-शांति, आत्मशुद्धि एवं विश्व कल्याण की मंगल भावना की। इसके बाद श्रीजी की पूजा-अर्चना एवं मंगल आरती हुई। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
पर्युषण पर्व के अवसर पर श्री जिन दर्शन मित्र मंडल की ओर से बच्चों एवं बड़ों के लिए विशेष धार्मिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम देर रात करीब 10:30 बजे तक उत्साह और आनंद के साथ चला। बच्चों एवं युवाओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं के साथ मनोरंजन का सुंदर समन्वय देखने को मिला। समापन पर बच्चों एवं युवाओं ने जयकारों के साथ अपनी खुशी व्यक्त की।
कार्यक्रम में समाज के नरेश जैन, राकेश जैन, पार्षद प्रमोद जैन, वीरेन जैन, रविंद्र जैन, धर्मेश जैन, मोहित जैन, अभिषेक जैन, सुनील जैन, संजीव जैन, जितेंद्र जैन, सुशीला जैन, मिथिलेश जैन, अल्पना जैन, सुनीता जैन, शशि जैन, विजय जैन सहित वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र कुमार जैन, प्रमोद कुमार जैन, रविंद्र कुमार जैन, अजय जैन, सुधांशु जैन, सुभाष चंद्र, अशोक जैन, राकेश जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
मंदिर व्यवस्थापक सुभाष जैन ने कार्यक्रम की सफलता पर श्री जिन दर्शन मित्र मंडल के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।


