
जयपुर | शाबाश इंडिया।
दुर्गापुरा जैन मंदिरजी में दशलक्षण महापर्व के विधान के तहत उत्तम संयम धर्म की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। इस अवसर पर उत्तम संयम धर्म के सौधर्म इंद्र के रूप में डॉ. एम.एल. जैन ‘मणि’ एवं डॉ. शांति जैन ‘मणि’ रहे।
सुबह 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा से धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। इस दौरान डॉ. दंपती को मुकुट एवं माला पहनाकर भगवान आदिनाथ के प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य प्रदान किया गया। इस धार्मिक कार्य में उनके सुपुत्र डॉ. मनीष मणि एवं डॉ. अलका जैन तथा पौत्र डॉ. श्रेय जैन ने सहयोग किया। मणि परिवार ने विधान की सभी धार्मिक क्रियाएं श्रद्धापूर्वक संपन्न कीं।
अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद पूजा-अर्चना शुरू हुई। नित्य-नियम की पूजाओं के पश्चात उत्तम संयम धर्म विधान की विशेष पूजा की गई। मणि परिवार की ओर से पंडित दीपक शास्त्रीजी के निर्देशन में 22 अर्घ्य मंडल पर चढ़ाए गए। इस दौरान महेशजी की मधुर संगीत प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन में मंदिर अध्यक्ष चांदवाड़जी, मंत्री कालाजी एवं कोषाध्यक्ष गंगवाल साहब का विशेष सहयोग रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।


