
भीलवाड़ा | शाबाश इंडिया।
क्षमापना केवल परंपरा निभाने या कुछ शब्द दोहराने का अवसर नहीं, बल्कि मन की मलिनता दूर कर संबंधों में सहजता और आत्मीयता लौटाने की साधना है। क्षमा तभी सार्थक है, जब वह व्यवहार में दिखाई दे और मन में किसी के प्रति रही कटुता समाप्त करे। यह विचार श्रमणसंघीय युवाचार्य महेन्द्र ऋषिजी ने शांतिभवन में आयोजित विशाल सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम में व्यक्त किए।
युवाचार्यश्री ने कहा कि भगवान महावीर ने चतुर्विध संघ को धर्म-साधना का मार्ग प्रदान किया। क्षमापना इसी परंपरा में आपसी सौहार्द, सामंजस्य और मैत्री को मजबूत करने का अवसर है। मन, वचन या व्यवहार से किसी को ठेस पहुंची हो तो क्षमा मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि संबंधों के प्रति सम्मान का भाव है। उन्होंने कहा, “क्षमा का दान ही आज सर्वश्रेष्ठ दान है।”
संवत्सरी समापन के अवसर पर युवाचार्य महेन्द्र ऋषिजी के साथ यशोदिप्ती मधुकंवरजी, उपप्रवर्तिनी दिव्यज्योतिजी, महासती सुचेताजी, स्मितभाषी पियुषदर्शनाजी और महासाध्वी ज्ञानकंवरजी सहित संत-साध्वीवृंद ने शांतिभवन श्रीसंघ तथा भीलवाड़ा के विभिन्न श्रीसंघों के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रावक-श्राविकाओं से सामूहिक क्षमायाचना की।
इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने हाथ जोड़कर युवाचार्यश्री एवं साध्वीवृंद के समक्ष क्षमाभाव व्यक्त किया। इसके बाद सभी एक-दूसरे से गले मिले और “मिच्छामि दुक्कडम्” कहते हुए परस्पर क्षमा मांगी। सामूहिक क्षमापना के इस आयोजन में विभिन्न श्रीसंघों के प्रतिनिधियों और समाजजनों ने सहभागिता निभाई।
श्रीसंघ मंत्री नवरतनमल भलावत ने बताया कि कार्यक्रम में आनन्द अनुभूति चातुर्मास के संरक्षक नवरतनमल बंब, अध्यक्ष राजेन्द्रप्रसाद चीपड़, संयोजक कंवरलाल सूरिया, मदनलाल चौरड़िया, सुशील चपलोत, नरेन्द्र भंडारी, प्रकाश पीपाड़ा, महावीर युवक मंडल अध्यक्ष मनीष कोठारी, शांति जैन महिला मंडल अध्यक्ष सिम्मी पोखरना, चंदा कोठारी, पूर्व राष्ट्रीय महिला जैन कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, चंदनबाला महिला मंडल की मंजू खटवड़, राजस्थान जैन कॉन्फ्रेंस के आनन्द चपलोत, जीतो के महावीरसिंह चौधरी, मीठ्ठालाल सिंघवी व राजेन्द्र गोखरू, बीजीएस के अरविंद झामण, यशसिद्ध भवन के भूपेन्द्रसिंह पंगारिया व शिवसिंह पंगारिया, महावीर भवन बापूनगर के अनिल विस्लोत, महावीर भवन नाड़ी मोहल्ला के पारसमल कुकड़ा, साधुमार्गी संघ के बलवंत रांका, मंदिरमार्गी संघ के तेजसिंह नाहर, अम्बेश भवन के नवरतनमल सूरिया व चंचल पीपाड़ा, अरिहंत भवन के शांतिलाल खमेसरा, शास्त्रीनगर अहिंसा भवन के अजय सांड, न्यू आजादनगर के राजेश बाफना, श्रीसंघ चन्द्रशेखर आजादनगर के सुरेन्द्र चौरड़िया तथा सुभाषनगर के हेमंत कोठारी सहित विभिन्न श्रीसंघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक क्षमापना में सहभागी बनकर एक-दूसरे से “मिच्छामि दुक्कडम्” कहा।
सामूहिक क्षमापना से पूर्व संवत्सरी पर उपवास करने वाले तपस्वियों का सामूहिक पारणा कराया गया। पारणे का लाभ महावीर-महेन्द्र बापना परिवार ने लिया।
प्रवक्ता: सुनील चपलोत


